नई दिल्ली: उत्तर भारत में सर्दी का असर अचानक तेज होने वाला है. मौसम विशेषज्ञों के अनुसार, 7 जनवरी की रात से मैदानी इलाकों में भीषण शीतलहर का दौर शुरू हो जाएगा. पंजाब, हरियाणा, दिल्ली और राजस्थान में दिन के तापमान में 4 से 8 डिग्री तक गिरावट दर्ज की जा सकती है. घना कोहरा, ठिठुरन और ठंडी हवाएं आम जनजीवन को प्रभावित कर सकती हैं.
पंजाब, हरियाणा, दिल्ली और पश्चिमी उत्तर प्रदेश में अगले कई दिनों तक कड़ाके की ठंड रहने की आशंका है. दिन के समय भी तापमान सामान्य से काफी कम रहने की संभावना जताई गई है. कई इलाकों में कोल्ड डे जैसी स्थिति बन सकती है. सतही हवाओं की कमी के कारण घना कोहरा दिनभर छाया रह सकता है, जिससे धूप निकलने में भी दिक्कत होगी.
उत्तर प्रदेश के मध्य और उत्तरी हिस्सों में कोहरे का प्रभाव व्यापक रहेगा. बरेली से बहराइच तक का इलाका सबसे अधिक प्रभावित हो सकता है. लखनऊ, अयोध्या, कानपुर नगर, प्रयागराज जैसे शहरों में सुबह और रात के समय दृश्यता बेहद कम रहने की संभावना है. मध्य प्रदेश में भी तापमान में और गिरावट आएगी, जिससे रात और सुबह ठंड का असर बढ़ेगा.
मध्य प्रदेश के रीवा, सीधी, सिंगरौली से लेकर भोपाल, सागर और ग्वालियर तक कोहरे की स्थिति बन सकती है. न्यूनतम तापमान में गिरावट से ठंड का असर तेज होगा. ग्रामीण इलाकों में खुले स्थानों पर रहने वाले लोगों के लिए यह समय ज्यादा चुनौतीपूर्ण हो सकता है. किसानों को फसलों की सुरक्षा पर विशेष ध्यान देने की सलाह दी गई है.
पश्चिमी हिमालयी क्षेत्रों में कश्मीर और गिलगित बाल्टिस्तान में आंशिक बादल छाए रहेंगे. हालांकि 7 जनवरी को किसी बड़े हिमपात या बारिश की संभावना नहीं है. पूर्वोत्तर राज्यों जैसे अरुणाचल प्रदेश, सिक्किम और असम में हल्की बादल छाए रह सकते हैं, लेकिन मौसम सामान्य बना रहेगा और कोई बड़ा बदलाव नहीं दिखेगा.
दक्षिण और तटीय भारत में मौसम का मिजाज उत्तर से बिल्कुल अलग रहेगा. आंध्र प्रदेश, तमिलनाडु, केरल, पुडुचेरी और लक्षद्वीप में बादल छाए रह सकते हैं. तमिलनाडु और केरल में हल्की बारिश की संभावना है, जबकि 9 और 10 जनवरी के आसपास कुछ इलाकों में तेज बारिश हो सकती है. बंगाल की खाड़ी से आने वाली हवाएं ठंड को यहां सीमित रखेंगी.