Indians Origins: भारतीय कहां से आये? गाहे-बगाहे यह विषय चर्चा के केंद्र में रहता है. अब एक नए जीनोम स्टडी में एक खोज सामने आई है जो भारतीयों के मूल इतिहास को और अधिक पुख्ता करती है. नए जीनोमिक अध्ययन में भारतीय वंश की जड़ें तीन प्राचीन समूहों और 50,000 साल पहले शुरू हुए प्रवासन में पाई गई हैं. इन तीन पैतृक समूहों में ईरानी किसान, यूरेशियन स्टेपी पशुपालक और दक्षिण एशियाई शिकारी शामिल हैं.
प्रीप्रिंट में प्रकाशित इस रिसर्च में ऑल इंडियन इंस्टीट्यूट ऑफ मेडिकल साइंस (एम्स), मिशिगन यूनिवर्सिटी, पेरेलमैन स्कूल ऑफ मेडिसिन, यूनिवर्सिटी ऑफ सदर्न कैलिफोर्निया और यूसी बर्कले के शोधकर्ता शामिल थे. अध्ययन से पता चला कि भारतीयों में अंतर्विवाह से एक बड़ा जनसांख्यिकीय बदलाव आया, जहां लोगों ने अपने समुदायों के भीतर विवाह करना शुरू कर दिया, इससे उनके जीनों में बहुत सारी समानताएं पैदा हुई, जिससे वे आनुवंशिक रूप से अधिक समान हो गए.
वैज्ञानिकों ने ईरानी मूल की आबादी से प्राचीन डीएनए की जांच की जो भारत में आनुवंशिक प्रभाव से पहले मौजूद थे. उन्होंने यह पहचानने के लिए सिमुलेशन आयोजित किया कि किसके जीन आधुनिक भारतीयों में देखे गए पैटर्न से सबसे अधिक मिलते जुलते हैं. वर्तमान ताजिकिस्तान के उत्तर-पश्चिमी क्षेत्र में स्थित एक प्राचीन कृषि केंद्र साराजम से आने वाले किसानों के डीएनए में सबसे उपयुक्त मिलान पाया गया.
मानव आबादी में पाए जाने वाले लगभग 90% निएंडरथल जीन भारतीय वंश के 2,700 व्यक्तियों के जीनोम में मौजूद थे जिनका अध्ययन किया गया था. पेपर में लिखा है "अगर हम लंबी अवधि में पीछे मुड़कर देखें तो भारतीयों की वंशावली का लगभग 1-2% निएंडरथल और डेनिसोवन्स जैसे प्राचीन मानव समूहों के साथ मिश्रण से आता है."
स्टडी में इस बात का जिक्र है कि भारतीयों में अधिकांश जीनोम भिन्नताएं लगभग 50,000 साल पहले अफ्रीका से बाहर हुए एक ही प्रमुख प्रवासन से उत्पन्न हुई हैं. शोधकर्ताओं ने प्रीप्रिंट पेपर में कहा "ये विश्लेषण भारत के जनसंख्या इतिहास का एक तस्वीर पेश करती है और यूरोप के बाहर विविध समूहों में जीनोमिक सर्वेक्षण के बारे में बताती है."
जीनोमिक विश्लेषण ने शोधकर्ताओं को चकित कर दिया क्योंकि उन्हें जीन में निएंडरथल और डेनिसोवन्स के जीन की विविधता मिली. इस खोज को और भी अजीब बनाने वाली बात यह है कि अब तक भारत में डेनिसोवन्स के किसी भी जीवाश्म की कोई खोज नहीं हुई है.