प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की मेक इन इंडिया पहल को मंगलवार (19 अगस्त) को एक बड़ा बढ़ावा मिला, जब भारत ने भारतीय वायुसेना के लिए 97 LCA मार्क 1A लड़ाकू विमानों की खरीद को मंजूरी दी. रक्षा सूत्रों ने न्यूज एजेंसी ANI को बताया कि इस अधिग्रहण के लिए अंतिम मंजूरी एक उच्च-स्तरीय बैठक में दी गई, जिससे हिंदुस्तान एयरोनॉटिक्स लिमिटेड (HAL) को इन विमानों के निर्माण का मार्ग प्रशस्त हो गया है. यह परियोजना स्वदेशीकरण को बढ़ावा देने और देश भर में रक्षा कारोबार से जुड़े छोटे व मध्यम उद्यमों को महत्वपूर्ण अवसर प्रदान करने में अहम भूमिका निभाएगी.
न्यूज एजेंसी ANI की रिपोर्ट के मुताबिक, यह LCA मार्क 1A विमानों का दूसरा ऑर्डर है. इससे पहले सरकार ने कुछ साल पहले 83 विमानों के लिए लगभग 48,000 करोड़ रुपये का ऑर्डर दिया था. यह नया ऑर्डर भारतीय वायुसेना को अपने पुराने मिग-21 विमानों को बदलने में मदद करेगा, जिन्हें अगले कुछ हफ्तों में पूरी तरह से हटाया जाएगा. रक्षा मंत्रालय और वायुसेना मुख्यालय द्वारा पूरी तरह समर्थित यह स्वदेशी लड़ाकू विमान कार्यक्रम ‘आत्मनिर्भर भारत’ और ‘मेक इन इंडिया’ पहल का प्रतीक है. सूत्रों ने बताया कि इन विमानों में 65% से अधिक स्वदेशी सामग्री होगी, जो भारत के एयरोस्पेस क्षेत्र में आत्मनिर्भरता को दिखाता है.
प्रधानमंत्री मोदी ने HAL का किया पुनरुद्धार
प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने HAL के पुनरुद्धार के लिए लगातार प्रयास किए हैं. उनके नेतृत्व में HAL को स्वदेशी लड़ाकू विमान, हेलिकॉप्टर और उनके इंजनों के निर्माण के लिए कई ऑर्डर मिले हैं. प्रधानमंत्री ने खुद LCA के ट्रेनिंग वैरिएंट में उड़ान भरी थी, जो भारत के किसी प्रधानमंत्री द्वारा किसी युद्धक विमान में पहली उड़ान थी. तत्कालीन वायुसेना प्रमुख एयर चीफ मार्शल वीआर चौधरी ने स्पेन में इस मेगा योजना की घोषणा की थी, जिसमें स्वदेशी लड़ाकू विमानों के ऑर्डर बढ़ाने की बात कही गई थी.
उन्नत तकनीक और भविष्य की योजनाएं
LCA मार्क 1A में शुरुआती 40 LCA विमानों की तुलना में अधिक उन्नत एवियोनिक्स और रडार सिस्टम हैं. HAL को 200 से ज्यादा LCA मार्क 2 और लगभग इतनी ही संख्या में पांचवीं पीढ़ी के एडवांस्ड मीडियम कॉम्बैट एयरक्राफ्ट के लिए सौदे भी मिलने की उम्मीद है. बता दें कि, यह परियोजना भारत के रक्षा क्षेत्र में स्वदेशीकरण को और नई ऊंचाइयों पर ले जाएगी.