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'आतंकवाद के सामने भारत कभी नहीं झुकेगा', पहलगाम हमले की बरसी पर PM मोदी का सख्त संदेश

प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने पहलगाम आतंकी हमले की पहली बरसी पर शहीदों को श्रद्धांजलि देते हुए कहा कि भारत किसी भी रूप के आतंकवाद के सामने कभी नहीं झुकेगा. उन्होंने हमले में जान गंवाने वाले निर्दोषों को याद किया और शोक संतप्त परिवारों के प्रति संवेदना व्यक्त की.

ani
Kuldeep Sharma

नई दिल्ली: प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने पहलगाम आतंकी हमले की पहली बरसी पर शहीदों को श्रद्धांजलि देते हुए कहा कि भारत किसी भी रूप के आतंकवाद के सामने कभी नहीं झुकेगा.  X पर पोस्ट करते हुए पीएम मोदी ने लिखा, 'पिछले साल आज के दिन पहलगाम में हुए जघन्य आतंकी हमले में मारे गए निर्दोष लोगों को याद करते हुए. वे कभी भुलाए नहीं जाएंगे. मेरी संवेदनाएं उन शोक संतप्त परिवारों के साथ हैं जो इस दर्द को सह रहे हैं.' पीएम ने स्पष्ट संदेश दिया कि भारत आतंकवाद के किसी भी रूप को कभी स्वीकार नहीं करेगा और इसके खिलाफ दृढ़ता से लड़ता रहेगा.

भारत कभी भी आतंकवाद के आगे नहीं झुकेगा- PM मोदी

प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने एक्स पर लिखा, 'पिछले साल आज के दिन पहलगाम में हुए जघन्य आतंकी हमले में मारे गए निर्दोषों को कभी भुलाया नहीं जाएगा. मेरी संवेदनाएं उन परिवारों के साथ हैं जो इस दर्द को सह रहे हैं.' उन्होंने आगे कहा कि देश शोक और संकल्प में एकजुट है. भारत कभी आतंकवाद के सामने नहीं झुकेगा और आतंकियों की साजिशें कभी कामयाब नहीं होंगी. 

पीएम मोदी ने दी शहीदों को श्रद्धांजलि

हमले के एक साल बाद भी परिवार दर्द सह रहे हैं. 22 अप्रैल 2025 को बैसरन घाटी में आतंकियों ने धार्मिक आधार पर लोगों को अलग करके गोली मार दी थी. इस घटना ने पूरे देश में गुस्सा भड़का दिया था. पीएम मोदी के पोस्ट के कुछ मिनट पहले भारतीय सेना ने भी कहा कि भारत के खिलाफ किसी भी हरकत का जवाब 'निश्चित' है और न्याय जरूर मिलेगा.

ऑपरेशन सिंदूर और ऑपरेशन महादेव

भारत ने हमले के जवाब में 7 मई 2025 को पाकिस्तान और पीओके में आतंकी ठिकानों पर ‘ऑपरेशन सिंदूर’ चलाया. इसमें लश्कर-ए-तैयबा, जैश-ए-मोहम्मद और हिजबुल मुजाहिदीन से जुड़े 9 बड़े लॉन्चपैड तबाह कर दिए गए और 100 से ज्यादा आतंकी मारे गए. बाद में ‘ऑपरेशन महादेव’ में हमले के तीनों आतंकियों को ढूंढकर मार गिराया गया. 

पहलगाम में बनाया गया शहीद स्मारक

पहलगाम में शहीदों की याद में काले संगमरमर का एक स्मारक बनाया गया है, जिसमें 26 शहीदों के नाम अंकित हैं. जम्मू-कश्मीर प्रशासन ने क्षेत्र में सुरक्षा बढ़ा दी है. अतिरिक्त बल तैनात किए गए हैं ताकि बरसी के मौके पर शांतिपूर्ण श्रद्धांजलि कार्यक्रम हो सके. राजनीतिक नेता, नागरिक समाज और परिवार के सदस्य वहां पहुंच रहे हैं.

भारतीय सेना का सख्त संदेश

भारतीय सेना ने हमले की बरसी से पहले चेतावनी दी थी कि जब मानवता की सीमाएं पार हो जाएं तो जवाब “निर्णायक” होता है. सेना ने ‘ऑपरेशन सिंदूर’ का जिक्र करते हुए कहा कि न्याय हमेशा मिलता है. देश आतंकवाद के खिलाफ एकजुट है और इस संकल्प को कोई नहीं तोड़ सकता.