नई दिल्ली: भारत ने गुरुवार को ओडिशा के चांदीपुर स्थित इंटीग्रेटेड टेस्ट रेंज से मध्यम दूरी की परमाणु सक्षम बैलिस्टिक मिसाइल अग्नि-4 का सफल परीक्षण किया. रक्षा मंत्रालय के अनुसार, यह परीक्षण स्ट्रेटेजिक फोर्सेज कमांड (SFC) और डिफेंस रिसर्च एंड डेवलपमेंट ऑर्गनाइजेशन (DRDO) ने मिलकर किया. रक्षा मंत्रालय ने कहा कि अग्नि-4 मिसाइल परीक्षण ने सभी ऑपरेशनल और तकनीकी पैरामीटर्स को सफलतापूर्वक वैलिडेट किया. परीक्षण स्ट्रेटेजिक फोर्सेज कमांड के अधीन किया गया.
रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह ने DRDO और SFC को सफल परीक्षण पर बधाई दी. उन्होंने सोशल मीडिया पर लिखा, “मैं इस टेक्स्टबुक मिशन लॉन्च के लिए SFC और DRDO को बधाई देता हूं. यह देश की रक्षा के लिए अत्याधुनिक तकनीकों के प्रति भारत की प्रतिबद्धता को दोहराता है.”
The Strategic Forces Command and @DRDO_India carried out successful launch of MRBM Agni-4 from Integrated Test Range, Odisha on 6th August 2026.
I congratulate SFC and DRDO for this textbook mission launch which reaffirmed India’s commitment to defend the Nation with state of…— Rajnath Singh (@rajnathsingh) August 6, 2026Also Read
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अग्नि-1 से अग्नि-4 मिसाइलों की रेंज 700 किलोमीटर से 3500 किलोमीटर तक है और ये पहले से ही तैनात हैं. अग्नि-4 दो स्टेज वाली सतह से सतह पर मार करने वाली मिसाइल है. यह ठोस ईंधन से चलती है और 4000 किलोमीटर तक के लक्ष्य पर वार करने में सक्षम है.
इससे पहले जुलाई में DRDO ने पिनाका लॉन्ग रेंज गाइडेड रॉकेट (LRGR) का सफल परीक्षण किया था. यह परीक्षण भी चांदीपुर में हुआ था. रॉकेट ने 60 किलोमीटर की दूरी तय की और लक्ष्य पर सटीक वार किया. जून में DRDO ने स्वदेशी लॉन्ग-रेंज लैंड अटैक क्रूज मिसाइल (LRLACM) का भी सफल परीक्षण किया था. यह परीक्षण ओडिशा तट पर हुआ. मिसाइल ने सभी निर्धारित उद्देश्यों को पूरा किया.
रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह ने इन सफल परीक्षणों पर वैज्ञानिकों और उद्योग भागीदारों को बधाई दी थी. उन्होंने स्वदेशी रक्षा तकनीक को मजबूत करने के प्रयासों की सराहना की. ये परीक्षण भारत की मिसाइल क्षमता और रक्षा तैयारियों को मजबूत करने की दिशा में महत्वपूर्ण कदम माने जाते हैं.