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India Daily

India-Pak Tension: 'ऑपरेशन सिंदूर' के दौरान भारत के कितने राफेल विमानों को पहुंचा नुकसान? रक्षा प्रमुख ने किया चौकानें वाला खुलासा

भारत के चीफ ऑफ डिफेंस स्टाफ जनरल अनिल चौहान ने हाल ही में सिंगापुर में आयोजित शांगरी-ला कॉन्फ्रेंस के दौरान एक इन्तेर्विएव में खुलासा किया कि पिछले महीने पाकिस्तान के साथ सैन्य टकराव के शुरुआती चरण में भारत ने कुछ सामरिक गलतियों के कारण लड़ाकू विमान खोए.

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Edited By: Garima Singh
India-Pak Tension: 'ऑपरेशन सिंदूर' के दौरान भारत के कितने राफेल विमानों को पहुंचा नुकसान? रक्षा प्रमुख ने किया चौकानें वाला खुलासा
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CDS Anil Chauhan: भारत के चीफ ऑफ डिफेंस स्टाफ (CDS) जनरल अनिल चौहान ने हाल ही में सिंगापुर में आयोजित शांगरी-ला कॉन्फ्रेंस के दौरान एक इन्तेर्विएव में खुलासा किया कि पिछले महीने पाकिस्तान के साथ सैन्य टकराव के शुरुआती चरण में भारत ने कुछ सामरिक गलतियों के कारण लड़ाकू विमान खोए. हालांकि, उन्होंने यह साफ़ किया कि इन गलतियों को जल्दी ही पहचान लिया गया और सुधार कर लिया गया. जनरल चौहान ने ब्लूमबर्ग टीवी से कहा, "महत्वपूर्ण बात यह नहीं है कि जेट विमान को क्यों गिराया गया, बल्कि यह है कि उन्हें कैसे गिराया गया? क्या गलतियां हुईं। संख्याएं महत्वपूर्ण नहीं हैं.'

उन्होंने आगे बताया, "अच्छी बात यह है कि हम अपनी सामरिक गलती को समझ पाए, उसका समाधान किया, उसे सुधारा और फिर दो दिन बाद उसे फिर से लागू किया तथा लंबी दूरी पर निशाना साधते हुए अपने जेट विमानों कोफिर से उड़ाया।" जनरल चौहान ने पाकिस्तान के उस दावे को खारिज किया, जिसमें कहा गया था कि 7-10 मई के संघर्ष में छह भारतीय विमानों को मार गिराया गया. उन्होंने इसे "बिल्कुल गलत" बताया.

भारतीय वायुसेना का जवाबी हमला

पाकिस्तान के साथ हाल के टकराव में भारतीय वायुसेना ने अपनी ताकत का प्रदर्शन किया. इस दौरान राफेल जेट से दागी गई SCALP मिसाइलों और Su-30MKI विमानों से लॉन्च की गई ब्रह्मोस मिसाइलों का उपयोग कर समन्वित हमले किए गए. ऑपरेशन सिंदूर के तहत, 7 से 10 मई के बीच भारतीय वायुसेना ने पाकिस्तान और पाकिस्तान के कब्जे वाले कश्मीर में नौ आतंकवादी शिविरों और 13 हवाई ठिकानों व सैन्य स्थलों को निशाना बनाया. इस ऑपरेशन में लड़ाकू विमानों, ड्रोनों, मिसाइलों, लंबी दूरी के हथियारों और भारी तोपों का व्यापक उपयोग हुआ.

युद्ध में नुकसान स्वाभाविक: वायुसेना

वायु संचालन महानिदेशक एयर मार्शल ए.के. भारती ने 11 मई को एक प्रेस वार्ता में कहा, "हम एक युद्ध परिदृश्य में हैं; क्षति युद्ध का एक हिस्सा है." जब उनसे गिराए गए विमानों की संख्या के बारे में पूछा गया, तो उन्होंने जवाब दिया, "आपको यह सवाल पूछना चाहिए कि क्या हम आतंकवादी शिविरों को नष्ट करने का अपना उद्देश्य हासिल कर पाए हैं। इसका उत्तर स्पष्ट रूप से हां है।" उन्होंने यह भी पुष्टि की, "हमारे सभी पायलट घर वापस आ गए हैं।" हालांकि, उन्होंने खोए गए विमानों की संख्या या अन्य विवरण साझा करने से इनकार कर दिया.

रणनीति में त्वरित बदलाव

रॉयटर्स के साथ एक साक्षात्कार में जनरल चौहान ने बताया कि भारत ने शुरुआती नुकसान के बाद अपनी रणनीति को तुरंत समायोजित किया. भारतीय वायुसेना के प्रवक्ता ने इस मामले पर टिप्पणी करने से इनकार करते हुए कहा कि खोए गए विमानों की सटीक संख्या या सामरिक त्रुटियों का खुलासा नहीं किया जाएगा.