नई दिल्ली: हरदीप सिंह निज्जर हत्या मामले में अमेरिकी कार्रवाई के बाद भारत सरकार ने पहली बार आधिकारिक प्रतिक्रिया दी है. विदेश मंत्रालय के प्रवक्ता रणधीर जायसवाल ने कहा कि भारत हमेशा संगठित अपराध और आतंकवाद के खिलाफ सख्त रुख अपनाता है. उन्होंने यह भी स्पष्ट किया कि ऐसे नेटवर्क किसी एक देश नहीं, बल्कि पूरी दुनिया की सुरक्षा के लिए खतरा हैं. भारत और अमेरिका की एजेंसियां लंबे समय से मिलकर इस चुनौती का सामना कर रही हैं.
विदेश मंत्रालय के प्रवक्ता रणधीर जायसवाल ने कहा कि भारत संगठित अपराध और आतंकवाद के खिलाफ लगातार कार्रवाई का समर्थन करता है. उनके अनुसार ऐसे आपराधिक नेटवर्क समाज और अंतरराष्ट्रीय सुरक्षा के लिए गंभीर चुनौती हैं. उन्होंने इस बात पर भी जोर दिया कि इनसे निपटने के लिए देशों के बीच सहयोग बेहद जरूरी है.
अमेरिकी न्याय विभाग ने हाल ही में अंतरराष्ट्रीय संगठित अपराध नेटवर्क के खिलाफ कार्रवाई की घोषणा की. इसी क्रम में गैंगस्टर लॉरेंस बिश्नोई और उसके सहयोगी गोल्डी बराड़ पर खालिस्तानी समर्थक हरदीप सिंह निज्जर की हत्या से जुड़े गंभीर आरोप लगाए गए हैं. इस कदम के बाद यह मामला एक बार फिर अंतरराष्ट्रीय चर्चा का विषय बन गया है.
रणधीर जायसवाल ने कहा कि आतंकवाद और संगठित अपराध के खिलाफ भारत और अमेरिका का सहयोग लगातार मजबूत हुआ है. दोनों देशों की कानून प्रवर्तन और सुरक्षा एजेंसियां कई वर्षों से सूचनाओं के आदान-प्रदान और जांच के विभिन्न मामलों में मिलकर काम करती रही हैं. इसी साझेदारी को आगे भी मजबूत बनाए रखने पर जोर दिया गया.
विदेश मंत्रालय के मुताबिक दोनों देशों की जांच और खुफिया एजेंसियों के बीच सहयोग किसी एक घटना तक सीमित नहीं है. यह संबंध वर्षों से विकसित हुआ है और समय के साथ अधिक प्रभावी तथा मजबूत बना है. इसी तालमेल के जरिए अंतरराष्ट्रीय अपराध और सुरक्षा से जुड़े मामलों में बेहतर समन्वय स्थापित किया जाता है.
भारत का कहना है कि संगठित अपराध और आतंकवाद जैसी चुनौतियों से प्रभावी ढंग से निपटने के लिए अंतरराष्ट्रीय सहयोग सबसे अहम है. ऐसे मामलों में साझा प्रयास, सूचनाओं का आदान-प्रदान और कानूनी सहयोग वैश्विक सुरक्षा को मजबूत करने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाते हैं. भारत ने एक बार फिर इसी सहयोगी दृष्टिकोण को अपनी प्राथमिकता बताया है.