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India Daily

भीषण गर्मी के बीच राहत की खबर! तय समय से 5 दिन पहले केरल पहुंचेगा मॉनसून, IMD का बड़ा अपडेट

पूरा देश गर्मी की मार झेल रहा है. इसी बीच IMD ने एक अच्छी खबर दी है. मौसम विभाग के अनुसार इस साल मॉनसून तय समय से करीब पांच दिन पहले 26 मई को केरल पहुंच सकता है.

Kuldeep Sharma
Edited By: Kuldeep Sharma
भीषण गर्मी के बीच राहत की खबर! तय समय से 5 दिन पहले केरल पहुंचेगा मॉनसून, IMD का बड़ा अपडेट
Courtesy: ai generated

नई दिल्ली: देश के कई हिस्सों में इस समय भीषण गर्मी की मार पड़ रही है, लेकिन इसी बीच मॉनसून को लेकर राहत भरी खबर सामने आई है. भारतीय मौसम विभाग (IMD) के अनुसार इस साल दक्षिण-पश्चिम मॉनसून तय समय से पहले केरल पहुंच सकता है. आमतौर पर मॉनसून 1 जून के आसपास केरल में दस्तक देता है लेकिन इस बार इसके 26 मई तक पहुंचने की संभावना जताई गई है. इसका मतलब ये है कि मॉनसून लगभग पांच दिन पहले आ सकता है.

मौसम के जानकारों ने क्या कहा?

मौसम वैज्ञानिकों का कहना है कि साउथ-ईस्ट बंगाल की खाड़ी और अंडमान सागर में मौसम की परिस्थितियां मॉनसून के जल्दी आने के लिए अनुकूल बन रही हैं. बंगाल की खाड़ी के साउथ-वेस्ट हिस्से में कम दबाव का इलाका बन चुका है और आने वाले घंटों में इसके और मजबूत होने की उम्मीद है. इसी वजह से देश के कई हिस्सों में बारिश की गतिविधियां बढ़ने लगी हैं.

IMD के मुताबिक मॉनसून 20 मई के आसपास अंडमान और निकोबार द्वीप समूह में पहुंच सकता है. इसके धीरे-धीरे आगे बढ़ते हुए 26 मई तक केरल पहुंचने की संभावना है. हालांकि मौसम विभाग ने कहा है कि अनुमानित तारीख में चार दिन तक का अंतर हो सकता है.

केरल के कई जिलों में अलर्ट जारी

केरल के कई जिलों में भारी बारिश को लेकर अलर्ट भी जारी किया गया है. इडुक्की और मलप्पुरम जिलों में ऑरेंज अलर्ट जारी किया गया है, जबकि कोट्टायम, एर्नाकुलम, थ्रिस्सूर, पालक्कड़, कोझिकोड, वायनाड, कन्नूर और कासरगोड में येलो अलर्ट जारी किया गया है. इससे साफ है कि दक्षिण भारत में मॉनसून से पहले ही बारिश तेज होने लगी है.

मॉनसून के जल्दी आने से लोगों को गर्मी से राहत मिलने की उम्मीद है और कई राज्यों में तापमान में गिरावट आ सकती है. हालांकि मौसम विभाग ने यह भी कहा है कि इस साल देशभर में कुल बारिश सामान्य से कम रह सकती है.मौसम विभाग का रिकॉर्ड देखें तो पिछले कई वर्षों में मॉनसून को लेकर उसके अनुमान काफी हद तक सही साबित हुए हैं. 2020 से 2025 तक के आंकड़े बताते हैं कि IMD की भविष्यवाणियां ज्यादातर वास्तविक तारीखों के काफी करीब रही हैं जिससे इस साल के अनुमान पर भी भरोसा बढ़ गया है.