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Illegal Immigrants In India: अब नहीं चलेगा बहाना! बांग्लादेश-म्यांमार से आए प्रवासियों का जल्द होगा फैसला, 30 दिन की सख्त डेडलाइन

Illegal Immigrants In India: गृह मंत्रालय ने बांग्लादेश और म्यांमार से आए अवैध प्रवासियों के दस्तावेजों का सत्यापन 30 दिन में करने का निर्देश दिया है, अन्यथा उन्हें निर्वासित किया जा सकता है.

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Anvi Shukla

Illegal Immigrants In India: केंद्रीय गृह मंत्रालय (MHA) ने अवैध प्रवासियों के खिलाफ देशव्यापी अभियान तेज करते हुए सभी राज्यों और केंद्र शासित प्रदेशों को आदेश जारी किया है कि वे बांग्लादेश और म्यांमार से आए संदिग्ध अप्रवासियों का दस्तावेज़ सत्यापन 30 दिनों के भीतर पूरा करें, जो व्यक्ति खुद को भारतीय नागरिक बताते हैं. उनके दस्तावेज इस अवधि में वैध साबित नहीं होते तो उन्हें निर्वासित किया जाएगा.

गृह मंत्रालय ने निर्देश दिया है कि सभी जिलों में डिटेंशन सेंटर या ‘होल्डिंग सेंटर’ बनाए जाएं. जहां सत्यापन के दौरान अवैध प्रवासियों को रखा जाए, साथ ही सभी राज्यों और केंद्र शासित प्रदेशों से यह भी कहा गया है कि वे सीमा बलों और तटरक्षक बलों द्वारा सौंपे गए अवैध नागरिकों का रिकॉर्ड रखें और हर माह की 15 तारीख तक केंद्र के साथ रिपोर्ट साझा करें.

'पहले कोई समयसीमा नहीं थी', अधिकारी ने दी जानकारी

गृह मंत्रालय के एक वरिष्ठ अधिकारी ने मीडिया को बताया की, 'पहले अवैध अप्रवासियों को वापस भेजने की कोई समयसीमा नहीं थी. कभी-कभी दूसरे राज्य से वेरिफिकेशन रिपोर्ट आने में महीनों लग जाते थे...अब 30 दिन में ही रिपोर्ट देनी होगी, नहीं तो निर्वासन की प्रक्रिया शुरू होगी. '

राजस्थान और गुजरात में कार्रवाई शुरू

गृह मंत्री अमित शाह के सख्त रुख के बाद राजस्थान और गुजरात ने बांग्लादेशी अवैध अप्रवासियों की पहचान और कार्रवाई तेज कर दी है, गुजरात में सूरत और अहमदाबाद में विशेष तलाशी अभियान चलाकर करीब 6500 लोगों को हिरासत में लिया गया. वहीं, राजस्थान सरकार ने 148 बांग्लादेशी नागरिकों को एक विशेष फ्लाइट से पश्चिम बंगाल भेजा, जहां से उन्हें उनके देश वापस भेजा जाएगा.

राज्यों को टास्क फोर्स बनाने का निर्देश

एक अन्य अधिकारी के अनुसार, 'राज्य सरकारों को प्रत्येक जिले में पुलिस के अधीन एक स्पेशल टास्क फोर्स गठित करने के निर्देश दिए गए हैं, जो अवैध अप्रवासियों की पहचान कर उन्हें डिटेंशन में रखें और निर्वासित करें.'

गृह मंत्रालय का यह कदम अवैध अप्रवासियों पर नकेल कसने और राष्ट्रीय सुरक्षा को मजबूत करने की दिशा में बड़ा फैसला माना जा रहा है. आने वाले दिनों में इसकी प्रभावशीलता पर पूरे देश की नजर रहेगी.