बीवी से अफेयर के शक पर दी थी गाली, पादरी के सुसाइड केस में फंसे शख्स को हाई कोर्ट ने दी राहत, समझिए क्यों
कर्नाटक के एक शख्स की पत्नी के साथ एक पादरी का अवैध संबंध था. ये बात पति को पता चल गई, जिसके बाद उसने फादर को गुस्से में गाली दी. फादर ने खुदकुशी कर ली.
शख्स पर आरोप था कि उसने एक पादरी को आत्महत्या करने के लिए उकसाया. पादरी का उसकी पत्नी के साथ अवैध संबंध था. गुस्से में शख्स ने पादरी को गाली दी और मर जाने को कहा था. अब कोर्ट ने आरोपी पति के खिलाफ लगाए गए आत्महत्या के लिए उकसाने के आरोप को खारिज कर दिया है. कर्नाटक उच्च न्यायालय ने कहा कि उसने जो भी शब्द कहे थे गुस्से में कहे थे.
न्यायमूर्ति एम नागप्रसन्ना की एकल-न्यायाधीश पीठ ने डेविड डिसूजा द्वारा दायर याचिका को स्वीकार कर लिया और उसके खिलाफ भारतीय दंड संहिता की धारा 306, 506, 504 और 201 के तहत दर्ज कार्यवाही को रद्द कर दिया. रिकॉर्ड देखने पर पीठ ने कहा कि आरोपी की पत्नी का मृतक के साथ कुछ संबंध थे और उसने अपना गुस्सा जाहिर किया था. कोर्ट ने कहा कि पति ने गुस्से में कहा कि जाओ और फांसी लगा लो इसका मतलब ये नहीं कि ये केस का आधार बने. इसे ये मतलब नहीं की उसने आत्महत्या के लिए उसे उकसाया हो.
क्य़ा था आरोप?
दायर की गई शिकायत में कहा गया था कि मृतक ने 11-10-2019 को आत्महत्या कर ली थी और याचिकाकर्ता के खिलाफ 26-02-2020 को एक एफआईआर दर्ज की गई थी, जिसमें आरोप लगाया गया था कि उसने मृतक के फादर महेश डिसूजा के साथ तुरंत पहले टेलीफोन पर बातचीत की थी. मृतक के संबंधी ने आरोप लगाया कि उसने पादरी को धमकी दी थी कि पत्नी के साथ अवैध संबंध रखने पर उसे बदनाम किया जाएगा.
पत्नी के साथ अवैध संबंध
याचिकाकर्ता ने तर्क दिया कि मृतक का याचिकाकर्ता की पत्नी के साथ अवैध संबंध था. याचिकाकर्ता को इसके बारे में पता चलता है, तो वह फादर से संपर्क करता है और उसकी पत्नी के साथ संबंध होने के बारे में अपनी पीड़ा व्यक्त करता है. इस दौरान उसने गुस्से में 'जाओ फांसी लगा लो' जैसे शब्दों का इस्तेमाल किया. कहा गया कि यह बयान कभी भी आत्महत्या के लिए उकसाने का मामला नहीं बन सकता. फादर को जब पता चला कि उसके अवैध संबंध के बारे में किसी और को भी पता चल गया है तो उसने आत्महत्या कर ली. इसलिए, याचिकाकर्ता को आत्महत्या के लिए उकसाने के लिए दोषी नहीं ठहराया जा सकता.
कोर्ट ने क्या कहा?
दूसरे पक्ष ने याचिका का विरोध करते हुए कहा कि फादर ने केवल याचिकाकर्ता के धमकी भरे शब्दों के कारण आत्महत्या की. उन्हें धमकी भी दी गई. इन दलीलों को नकारते हुए पीठ ने कहा, इस मामले में मृतक के आत्महत्या करने के असंख्य कारण हो सकते हैं, जिनमें से एक यह भी हो सकता है कि फादर होने के बावजूद उसका याचिकाकर्ता की पत्नी के साथ अवैध संबंध था और एक चर्च के पुजारी के लिए यह सामान्य सी बात है.