मई महीने के पहले दिन की सुबह आम ही थी लेकिन एक धमकी ने सबकुछ बदल दिया. देश की राजधानी दिल्ली के कई दर्जन स्कूलों को एक ईमेल भेजकर कहा गया कि स्कूलों में बम रखा है. खबर मिलते ही पूरी दिल्ली में हड़कंप मच गया और चारों तरफ अफरा-तफरी मच गई. नतीजा यह रहा कि स्कूलों को छुट्टी करनी पड़ गई. बच्चों के घर सूचना पहुंची तो उनके पैरेंट्स सारे काम छोड़कर अपने लाडलों को सुरक्षित वापस लाने के लिए स्कूल पहुंच गए. अब इस मामले में जांच की जा रही है. अब तक की जांच में सामने आया है कि धमकी वाले ईमेल में अरबी शब्द 'सवारीम' का इस्तेमाल किया गया था, जिसका जिक्र साल 2014 में ISIS ने किया था. इसके अलावा, प्रारंभिक जांच में पता चला है कि ईमेल भेजने के लिए संभवत: रूस के सर्वर का इस्तेमाल किया गया है.
दिल्ली पुलिस ने बताया है कि धमकी वाला ईमेल आने के बाद स्कूलों से बच्चों को निकाल लिया गया था. इसके बाद पुलिस और बम डिस्पोजल स्क्वॉड की की टीम ने स्कूलों की चेकिंग की. हालांकि, इस चेकिंग में कहीं कोई विस्फोटक या अन्य चीज नहीं मिली. अब जांच में पता चला रहा है कि यह धमकी [email protected] से भेजी गई थी.
शुरुआती जांच में पता चला है कि Sawariim एक अरबी शब्द है जिसका इस्तेमाल साल 2014 से ही इस्लामिक स्टेट की ओर से प्रोपेगेंडा फैलाने के लिए किया जा रहा है. दिल्ली पुलिस जांच कर रही है कि इस धमकी भरे ईमेल के पीछे किसी संगठन का हाथ है या नहीं.
Delhi | 21 schools of West district reported receiving the bomb-threat-email. The evacuation of students and faculty was done immediately by the local police and Bomb Disposal Team has been checking those schools. Nothing suspicious has been reported to have been found so far:…
— ANI (@ANI) May 1, 2024
शुरुआती जांच में यह भी पता चला है कि जिस सर्वर से यह ईमेल भेजा गया है, वह संभवत: रूस में मौजूद है. मामले में विस्तृत जांच जारी है. इस मामले में दिल्ली के उपराज्यपाल वी के सक्सेना ने कहा है कि पुलिस ने पता लगा लिया है कि ईमेल कहां से आ रहे हैं. उन्होंने कहा है कि दोषियों को बख्शा नहीं जाएगा और उन्हें सख्त से सख्त सजा दी जाएगी.
इस धमकी के सामने आने के बाद दिल्ली के स्कूलों में सघन जांच की गई. जांच के बाद केंद्रीय गृह मंत्रालय ने कहा है कि स्कूलों को भेजी गई यह धमकी फर्जी लगती है और घबराने की जरूरत नहीं है. पुलिस और अन्य एजेंसियां जरूरी कदम उठा रही हैं.