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Himachal Engineering Suicide: लड़की कर रही थी ब्लैकमेल, परेशान होकर इंजीनियरिंग के छात्र ने लगाई फांसी; कारण कर देगा हैरान

Himachal Engineering Suicide: जवाहरलाल नेहरू सरकारी इंजीनियरिंग कॉलेज (JNGEC) में एक 20 साल के इंजीनियरिंग छात्र ने शुक्रवार रात अपने हॉस्टल के कमरे में फांसी लगाकर आत्महत्या कर ली. पुलिस ने मृतक की जेब से मिले सुसाइड नोट में लिखे आरोपों के आधार पर कार्रवाई शुरू की. सुंदरनगर के डीएसपी भारत भूषण ने बताया कि मामले की गहन जांच चल रही है.

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Babli Rautela

Himachal Engineering Suicide: हिमाचल प्रदेश के सुंदरनगर में जवाहरलाल नेहरू सरकारी इंजीनियरिंग कॉलेज (JNGEC) में एक 20 साल के इंजीनियरिंग छात्र ने शुक्रवार रात अपने हॉस्टल के कमरे में फांसी लगाकर आत्महत्या कर ली. पुलिस के मुताबिक, छात्र ने एक सुसाइड नोट छोड़ा, जिसमें उसने एक सहपाठी छात्रा पर उसे परेशान करने और यौन संबंध बनाने के लिए मजबूर करने का आरोप लगाया. इस नोट के आधार पर पुलिस ने आरोपी छात्रा को गिरफ्तार कर लिया है.

पुलिस ने मृतक की जेब से मिले सुसाइड नोट में लिखे आरोपों के आधार पर कार्रवाई शुरू की. सुंदरनगर के डीएसपी भारत भूषण ने बताया कि मामले की गहन जांच चल रही है.  फोरेंसिक टीम ने घटनास्थल से साक्ष्य जुटाए हैं, और हॉस्टल की सीसीटीवी फुटेज भी हासिल की गई है. आरोपी छात्रा को हिरासत में लिया गया है और वह सोमवार तक रिमांड पर रहेगी. पुलिस सभी पहलुओं की जांच कर रही है.

मां ने लगाया ब्लैकमेल का आरोप

मृतक की मां ने पुलिस में अलग से शिकायत दर्ज कराई, जिसमें उन्होंने दावा किया कि आरोपी छात्रा उनके बेटे को ब्लैकमेल करती थी. मां के मुताबिक, छात्रा ने उनके बेटे पर शारीरिक संबंध बनाने के लिए दबाव डाला, जिससे वह मानसिक रूप से परेशान था. मां ने बताया कि उनके बेटे ने मृत्यु से पहले यह बात उनसे साझा की थी. उन्होंने कॉलेज प्रबंधन पर भी सवाल उठाए, खासकर तब जब उनके बेटे को मई में चिकनपॉक्स हुआ था. मां का आरोप है कि कॉलेज ने उनके बेटे की मदद करने के बजाय उसे हॉस्टल छोड़ने के लिए कहा, जिसके कारण उसे 4 से 8 मई तक सुंदरनगर के एक सरकारी विश्राम गृह में रहना पड़ा.

कॉलेज प्रबंधन पर सवाल

मां ने कॉलेज प्रशासन की लापरवाही पर भी नाराजगी जताई. उन्होंने कहा कि उनके बेटे को बीमारी के दौरान उचित सहायता नहीं मिली, जिसने उसके मानसिक तनाव को और बढ़ाया. यह घटना कॉलेज में छात्रों की सुरक्षा और मानसिक स्वास्थ्य को लेकर गंभीर सवाल उठाती है.

पुलिस ने इस मामले में भारतीय न्याय संहिता की धारा 108 के तहत मामला दर्ज किया है. डीएसपी भारत भूषण ने कहा कि सभी आरोपों की गहराई से जांच की जा रही है. सीसीटीवी फुटेज और फोरेंसिक साक्ष्यों के आधार पर मामले की सच्चाई सामने लाने की कोशिश की जा रही है. परिवार के दावों और सुसाइड नोट की सत्यता की भी जांच हो रही है.