एक ऐसी जगह जहां कानून नहीं चलता…! समझें Dark Web का पूरा गणित​​​​​​​

अगर आप डार्क वेब के बारे में नहीं जानते हैं, तो यहां हम आपको यह क्या है और यह कितना खतरनाक है, इसके बारे में बता रहे हैं.

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Shilpa Srivastava

नई दिल्ली: आजकल हैकिंग, स्कैमिंग कितनी ज्यादा बढ़ गई है, ये तो आप सभी जानते हैं. जहां सुनो, बस स्कैम ही हो रहा है. लोगों को इतना सचेत करने के बाद भी कई बार ये स्कैम उन तक पहुंच ही जाता है. जब भी स्कैमिंग के बारे में बात की जाती है, तो डार्क वेब का भी जिक्र होता है. हालांकि, कई लोगों को इसके बारे में ज्यादा पता नहीं होता है. यहां हम आपको आसान भाषा में डार्क वेब के बारे में बता रहे हैं, जिससे आप इसके चक्कर में न पड़ जाएं.

डार्क वेब बेहद ही खतरनाक है क्योंकि यह एक ऐसी जगह है, जहां पर गुमनाम तरह से गैर-कानूनी काम किए जाते हैं. इसमें चोरी किया गया डाटा, ड्रग्स, हथियरा और मैलवेयर जैसी चीजों की नीलामी की जाती है. कई बार सुना गया है कि यूजर डाटा की यहां पर बोली भी लगाई जाती है. यहां पर यूजर्स की निजी जानकारी हैकर्स के सामने आने, कंप्यूटर का वायरस की चपेट में आने, बिना किसी कानूनी मदद के स्कैम का शिकार हो जाने का खतरा बना रहता है. 

डार्क वेब के मुख्य खतरे क्या हैं?

क्यों खतरनाक है डार्क वेब:

डार्क वेब एन्क्रिप्टेड नेटवर्क (जैसे Tor) पर काम करता है. यह यूजर की पहचान और आईपी एड्रेस को हाइड करता है. हालांकि, ऐसा कहा जाता है कि यह पत्रकारों या कार्यकर्ताओं जैसे सही यूजर्स को निजता देता है, लेकिन यह साइबर अपराधियों को भी कानून लागू करने वाली एजेंसियों द्वारा ट्रैक किए जाने से बचाता है.