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Haldwani Violence: सुनियोजित साजिश, जिंदा जलाने की प्लानिग; DM ने खोल दी हल्द्वानी हिंसा की पोल

अस्पताल में इलाज करा रहे एक पुलिसकर्मी ने बताया कि घटनास्थल पर चारों और से भीड़ पुलिस की टीम पर पथराव कर रही थी. जब हम सभी भागकर एक घर में छिपे तो दंगाई वहां भी पहुंच गए और वहां भी पत्थरबाजी की. इस दौरान हमलोगों ने थाने पर फोन कर और फोर्स बुलाई जिसके बाद हम सभी की जान बची.

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Om Pratap
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Haldwani Violence: नैनीताल की डीएम वंदना सिंह ने हल्द्वानी हिंसा को सुनियोजित बताया है. डीएम ने एक प्रेस कॉन्फ्रेंस कर सीसीटीवी फुटेज दिखाया और कहा कि सड़कों का चौड़ीकरण किया जा रहा है, जिसे लेकर अतिक्रमण हटाओ अभियान जारी है. इसी दौरान गुरुवार को नगर निगम और पुलिस की टीम वनभूलपुरा से अतिक्रमण हटाने पहुंची थी, जिसके बाद उपद्रवियों ने पुलिस और नगर निगम की टीम पर हमला कर दिया. उन्होंने बताया कि फिलहाल इलाके में इंटरनेट सर्विस बैन की गई है. कर्फ्यू लगाया गया है, स्कूलों को बंद किया गया है. साथ ही सीसीटीवी फुटेज के जरिए उपद्रवियों को चिन्हित करने की कार्रवाई जारी है. 

गुरुवार को हल्द्वानी के बनभूलपुरा इलाके में जो कुछ भी हुआ, उसे लेकर नैनीताल की डीएम वंदना सिंह और एसएसपी प्रह्लाद नारायण मीणा ने संयुक्त रूप से प्रेस कॉन्फ्रेंस की. 30 मिनट की प्रेस कॉन्फ्रेंस में डीएम वंदना सिंह ने हल्द्वानी हिंसा से जुड़े हर पहलु के बारे में जानकारी दी. उन्होंने बताया कि कैसे भीड़ ने पुलिस और नगर निगम की टीम को निशाना बनाया. उन्होंने ये भी बताया कि हिंसा की घटना सांप्रदायिक घटना नहीं दी. किसी विशेष समुदाय के लोगों ने कोई जवाबी कार्रवाई नहीं की. 

क्या हमले की स्क्रिप्ट पहले ही लिखी जा चुकी थी?

डीएम वंदना सिंह ने बताया कि ये एक सुनियोजित घटना थी. उपद्रवियों के हमले में मुख्य रूप से स्थानीय थाना को पूरी तरह से नुकसान पहुंचा है. भीड़ ने पुलिस स्टेशन में तोड़फोड़ की है. ये एक दुर्भाग्यपूर्ण घटना है. आरोपियों की पहचान कर सख्त कार्रवाई की जाएगी. पूरी प्लानिंग के तहत हिंसा की घटना को अंजाम दिया गया. प्लानिंग के तहत कानून को चुनौती दी गई. ये राज्य मशीनरी, राज्य सरकार और कानून व्यवस्था की स्थिति को चुनौती देने का एक प्रयास था.

क्या हल्द्वानी हिंसा की घटना सांप्रदायिक घटना थी?

प्रेस कॉन्फ्रेंस में वंदना सिंह ने बताया कि ये सांप्रदायिक घटना नहीं थी. अगर इसे ऐसा बताया जा रहा है, तो ये बिलकुल गलत है. उन्होंने कहा कि किसी विशेष समुदाय ने जवाबी कार्रवाई नहीं की और न ही पुलिस और नगर निगम की टीम की ओर से किसी को टारगेट कर अतिक्रमण हटाने की कार्रवाई की जा रही थी. अभी तक आधिकारिक जानकारी के मुताबिक दो लोगों की मौत हुई है.

क्या हिंसा मामले में फेल हो गई इंटेलिजेंस?

डीएम वंदना सिंह ने कहा कि हिंसा मामले में कोई इंटेलिजेंस फ्लोयर नहीं है. अतिक्रमण हटाए जाने के आधे घंटे के भीतर अचानक उपद्रवियों की भारी भीड़ मौके पर पहुंची. इसके बाद प्रशासन और पुलिस की टीम को निशाना बनाकर हमला किया गया. डीएम ने कहा कि दंगाइयों की पहचान के लिए पूरी रणनीति तैयार कर ली गई है. पुलिसवालों को जिंदा जलाने के मामले में दोषियों की सीसीटीवी से पहचान कर कार्रवाई की गई है.

आखिर समय रहते भीड़ पर काबू क्यों नहीं पाया गया?

होई कोर्ट के आदेश के बाद हल्द्वानी में जगह-जगह अतिक्रमण के खिलाफ कार्रवाई की गई है. अतिक्रमण मुक्त कराने का अभियान चल रहा है. इसी दौरान बनभूलपुरा इलाके में सरकारी जमीन पर दो सरंचनाएं हैं, जो धार्मिक रूप में रजिस्टर्ड नहीं है. कुछ लोग इस संरचना को मदरसा कहते हैं और कुछ लोग पूर्ण नमाज स्थल कहते हैं. पुलिस और नगर निगम की टीम इसे खाली कराने पहुंची थी. कार्रवाई की तैयारी की जा रही थी, तभी भारी संख्या में भीड़ पहुंच गई. भीड़ इतनी बड़ी संख्या में आएगी, ये अंदाजा नहीं था. जब तक भीड़ पर आंसू गैस के गोले छोड़े जाते, हवाई फायरिंग की जाती, पानी की बौछार की जाती, स्थिति बिगड़ गई.

नैनीताल की डीएम वंदना सिंह ने प्रेस कॉन्फ्रेंस के दौरान जारी सीसीटीवी फुटेज को दिखाते हुए बताया कि आप इसमें देख सकते हैं कि कोई भी पुलिसकर्मी किसी दूसरे पक्ष या समुदाय को जवाबी कार्रवाई के लिए न उसका रहा है और न ही किसी की पिटाई कर रहा है. उन्होंने कहा कि दिसंबर 2023 में उत्तराखंड हाई कोर्ट के आदेश के बाद हल्द्वानी में जगह-जगह अतिक्रमण के खिलाफ कार्रवाई की गई है.

डीएम ने बताया कि जिन लोगों ने अतिक्रमण किया था, सभी को नोटिस और सुनवाई के अवसर दिए गए. कुछ ने दोबारा हाई कोर्ट का दरवाजा खटखटाया, कुछ को समय दिया गया, जबकि कुछ को समय नहीं दिया गया. जहां समय नहीं दिया गया वहां पीडब्ल्यूडी और नगर निगम की ओर से डिमोलिशन अभियान चलाया गया. ये कोई अलग से चलाई गई ड्राइव नहीं थी और न ही किसी को टारगेट कर कार्रवाई की गई.

डीएम ने कहा- पुलिसकर्मियों को जिंदा जलाकर मारने की थी साजिश

प्रेस कॉन्फ्रेंस के दौरान डीएम वंदना सिंह ने बड़ा दावा करते हुए कहा कि हल्द्वानी की पूरी घटना सुनियोजित थी. प्लानिंग के तहत पुलिसकर्मियों और नगर निगम की टीम को निशाना बनाया गया.उन्होंने कहा कि उपद्रवी पुलिस और निगम की टीम को जिंदा जलाना चाहते थे. उन्होंने कहा कि थाने में तोड़फोड़ के दौरान पेट्रोल बम फेंककर आग भी लगाई गई और अंदर मौजूद पुलिसकर्मियों को दंगाईयों ने बाहर नहीं निकलने दिया.

डीएम ने दावा करते हुए ये भी बताया कि प्लानिंग के तहत उपद्रवियों ने घरों की छतों पर पत्थर रखे थे. जब पुलिस और निगम की टीम कार्रवाई को लेकर नोटिस देने गई थी, तब लोगों की घरों पर पत्थर नहीं रखे गए थे, लेकिन जब टीम कार्रवाई के लिए पहुंची तो प्लानिंग के तहत छतों से पुलिस और निगम की टीम पर पथराव होने लगा. उन्होंने कहा कि दंगाईयों ने घरों के ऊपर पेट्रोल बम भी रखे थे. उनके पास बंदूकें भी थीं, जिससे उन्होंने पुलिस और निगम की टीम पर फायरिंग भी की. 

एसएसपी मीणा बोले- अब तक चार आरोपी गिरफ्तार

प्रेस कॉन्फ्रेंस में मौजूद नैनीताल के एसएसपी प्रह्लाद नारायण मीणा ने भी हिंसा की घटना को लेकर बड़ा दावा किया. उन्होंने कहा कि उपद्रवियों के पास देसी बंदूकें थीं, जिससे उन्होंने पुलिस की टीम, नगर निगम की टीम और थाने पर फायरिंग की. उन्होंने बताया कि पुलिस ने सीसीटीवी फुटेज के जरिए चिन्हित चार आरोपियों को गिरफ्तार किया है. उन्होंने बताया कि आज पुलिस की टीम ने पैट्रोलिंग की है. फिलहाल, इलाके में माहौल अंडर कंट्रोल है. 

हल्द्वानी में कैसे भड़की हिंसा, अब तक क्या-क्या हुआ?

  • गुरुवार की शाम करीब चार बजे नगर निगम और पुलिस की टीम बनभूलपुरा पहुंची.
  • करीब शाम 5 बजे निगम की टीम पुलिस की मौजूदगी में अवैध निर्माण हटाने लगी.
  • पुलिस और निगर निगम की टीम की कार्रवाई को देख भीड़ पहुंची और इसका विरोध किया.
  • कार्रवाई जब नहीं रोकी गई तो पांच मिनट बाद ही उपद्रवियों ने पुलिस और निगम की टीम पर पथराव कर दिया.
  • थोड़ी देर में ही अतिक्रमण स्थल पर मौजूद भीड़ ने पुलिस और निगम टीम की गाड़ियों में तोड़फोड़ कर दी और आग भी लगा दी.
  • पुलिस और निगम की टीम जब बचकर थाने की ओर पहुंची, तो भीड़ ने बनभूलपुरा थाने पर भी हमला कर दिया और तोड़फोड़ की.
  • दंगाईयों ने थाने में मौजूद पुलिस की गाड़ियों में भी आग लगा दी. पेट्रोल बम से थाने पर हमला किया, फायरिंग भी की.
  • देर रात करीब 2 बजे डीआईजी ने प्रशासन की टीम के साथ बैठक की और कार्रवाई के लिए प्लानिंग की.
  • प्रशासन की ओर से इलाके में कर्फ्यू लगा दिया गया, जिससे हिंसा पर काबू पाने में मदद मिली. 
  • मामले की जानकारी के बाद उत्तराखंड सरकार की ओर से दंगाईयों को देखते ही गोली मारने के आदेश जारी किए गए.
  • फिलहाल, बनभूलपुरा इलाके में पुलिस लगातार गश्त कर रही है. भारी संख्या में पुलिस की तैनाती है.

 

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First Published : 09 February 2024, 12:43 PM IST