Gyanvapi Survey Case: भारतीय पुरातत्व सर्वेक्षण विभाग (ASI) ने वाराणसी स्थित ज्ञानवापी मस्जिद से जुड़ी सर्वे रिपोर्ट दाखिल करने के लिए एक हफ्ते का वक्त मांगा है. इस मामले में हिंदू पक्ष के वकील विष्णु शंकर जैन ने मीडियाकर्मियों से बातचीत के दौरान इस बात की पुष्टि की.
उन्होंने कहा, 'आज एएसआई ने अपनी रिपोर्ट दाखिल करने के लिए एक हफ़्ते का वक़्त मांगा है क्योंकि एएसआई के सुपरिंटेंडेंट इस समय हाई ब्लड प्रेशर की समस्या से जूझ रहे हैं. मैं उम्मीद करता हूं कि अगले हफ़्ते तक रिपोर्ट अदालत में पेश कर दी जाएगी.'
#WATCH | Advocate Vishnu Shankar Jain, representing the Hindu side in the Gyanvapi survey case in Varanasi says, "Today, the Archaeological Survey of India has sought one week to file its report because the ASI superintendent is suffering from high blood pressure. I hope by next… pic.twitter.com/rQHBpmtuWn
— ANI UP/Uttarakhand (@ANINewsUP) December 11, 2023Also Read
11 दिसंबर को दाखिल की जानी थी रिपोर्ट
बता दें कि इससे पहले यह रिपोर्ट सोमवार 11 दिसंबर 2023 को दाखिल की जानी थीं. इस रिपोर्ट को वाराणसी की कोर्ट में पेश किया जाना है. मामले की पिछली सुनवाई के दौरान कोर्ट ने दस दिन के भीरत रिपोर्ट दाखिल करने का आदेश दिया था.
84 दिनों से चल रहा सर्वे
भारतीय पुरातत्व सर्वेक्षण विभाग (ASI) पिछले 84 दिन से ज्ञानवापी मस्जिद का सर्वे कर रहा है और सर्वे की रिपोर्ट में लगातार देरी हो रही है. अब एएसआई ने इसे लेकर निचली अदालत में हलफनामा दाखिल किया है और कोर्ट से रिपोर्ट दाखिल करने के लिए एक हफ्ते का समय मांगा है. सर्वे की फाइनल रिपोर्ट सौंपने में हो रही देरी के पीछे एएसआई ने संबंध अधिकारियों की तबीयत खराब होने का हवाला दिया है.
ASI ने कोर्ट में जो हलफनामा दिया उसमें लिखा, 'एएसआई के सुपरिटेंडेंट आर्कियोलाजिस्ट श्री अविनाश मोहंती अचानक ब्लड प्रेशर बढ़ने और तबीयत बिगड़ जाने के कारण कोर्ट में उपस्थित होकर सर्वे की रिपोर्ट दाखिल करने में असमर्थ हैं. इसलिए माननीय न्यायालय से निवेदन है कि उपरोक्त वर्णित परिस्थितियों को ध्यान में रखते हुए प्रार्थी ASI को कम से कम 1 सप्ताह बाद की कोई अन्य तिथि रिपोर्ट दाखिल करने के लिए दी जाए, ताकि न्याय हो.' कोर्ट इस मामले पर सोमवार को फैसला सुनाएगी.