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Gyanvapi Case: ज्ञानवापी केस में हिंदू पक्ष की जीत, सुप्रीम कोर्ट ने सील एरिया में दी सफाई की अनुमति

Gyanvapi Case: ज्ञानवापी केस में हिंदू पक्ष की मांग को सुप्रीम कोर्ट ने स्वीकार कर लिया है और सफाई का आदेश दिया है. कोर्ट ने डिस्ट्रिक्ट मजिस्ट्रेट की देखरेख में सफाई की इजाजत दी है.

Amit Mishra
Edited By: Amit Mishra
Gyanvapi Case: ज्ञानवापी केस में हिंदू पक्ष की जीत, सुप्रीम कोर्ट ने सील एरिया में दी सफाई की अनुमति

हाइलाइट्स

  • ज्ञानवापी केस में बड़ा अपडेट
  • SC ने सील एरिया में दिया सफाई का आदेश 

Gyanvapi Case: ज्ञानवापी केस में हिंदू पक्ष को बड़ी जीत हासिल हुई है. वजूखाने की सफाई पर सुप्रीम कोर्ट ने राहत देते हुए 'शिवलिंग' वाली जगह की साफ-सफाई करने की इजाजत दे दी है. हिंदू पक्ष ने ज्ञानवापी (Gyanvapi) के सील एरिया को खुलवाकर तत्काल सफाई की मांग कतो लेकर याचिका दायर की थी. हिंदू पक्ष की मांग को सुप्रीम कोर्ट (Supreme Court) ने स्वीकार कर लिया है और सफाई का आदेश दिया है. कोर्ट ने डिस्ट्रिक्ट मजिस्ट्रेट की देखरेख में सफाई की इजाजत दी है.

मस्जिद पक्ष ने कहा- ऐतराज नहीं

सुप्रीम कोर्ट में सुनवाई के दौरान मस्जिद पक्ष ने कहा कि उनको इस याचिका पर कोई ऐतराज नहीं है. हिंदू पक्ष ने कथित शिवलिंग के टैंक में मछलियों की मौत के बाद फैली गंदगी को तत्काल साफ कराने की मांग की थी. हिंदू पक्ष का कहना है कि चूंकि हमारी मान्यता के मुताबिक वहां पर शिवलिंग मौजूद है और शिवलिंग को किसी भी तरह की गंदगी, मरे हुए जीवों से दूर रखे जाने की जरूरत है. इस तरह की गंदगी के बीच शिवलिंग का रहना असंख्य शिवभक्तों की भावनाओं को आहत करने वाला है.

मंदिर ध्वस्त कर बनाई गई मस्जिद

गौरतलब है कि, हिंदू पक्ष उस जगह पर मंदिर बहाल करने की मांग कर रहा है जहां मौजूदा समय में ज्ञानवापी मस्जिद स्थित है. हिंदू पक्ष के मुताबिक, ज्ञानवापी मस्जिद, मंदिर का हिस्सा है. ज्ञानवापी परिसर का विवाद करीब 350 साल पुराना है. हिंदू पक्ष का कहना है कि 1669 में औरंगजेब के आदेश पर मंदिर ध्वस्त कर वहां मस्जिद बनाई गई.

कोर्ट में है मामला 

फिलहाल, मामला कोर्ट में चल रहा है और 21 जुलाई, 2023 को जिला जज डॉ अजय कृष्ण ने सील वजूखाने को छोड़कर ज्ञानवापी परिसर में सर्वे का आदेश दिया था. सुप्रीम कोर्ट ने 4 अगस्त को एएसआई सर्वे को मंजूरी प्रदान कर दी. इस दौरान अदालत ने ये भी साफ किया कि अगर किसी मामले में सर्वेक्षण से स्थिति स्पष्ट होती है तो किसी पक्ष को परेशानी नहीं होनी चाहिए.