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'स्टेशनरी टैक्स-फ्री और बच्चों की पढ़ाई स्ट्रेस-फ्री', सरकार ने शिक्षा से जुड़ी वस्तुओं पर किया जीरो GST

केंद्र सरकार ने शिक्षा से जुड़ी स्टेशनरी वस्तुओं को बच्चों के लिए पूरी तरह जीएसटी मुक्त कर दिया है. नए NEXT-GEN GST REFORM के तहत एजुकेशन से जुटी स्टेशनरी वस्तुएं अब पूरी तरह टैक्स फ्री होंगी.

Kuldeep Sharma
Edited By: Kuldeep Sharma
'स्टेशनरी टैक्स-फ्री और बच्चों की पढ़ाई स्ट्रेस-फ्री', सरकार ने शिक्षा से जुड़ी वस्तुओं पर किया जीरो GST
Courtesy: web

केंद्र सरकार ने शिक्षा से जुड़ी स्टेशनरी वस्तुओं को बच्चों के लिए पूरी तरह जीएसटी मुक्त कर दिया है. नए NEXT-GEN GST REFORM के तहत अब मैप्स, चार्ट्स और ग्लोब, पेंसिल, शार्पनर, क्रेयॉन और पेस्टल्स, एक्सरसाइज बुक्स और नोटबुक्स, जिन पर पहले 12% जीएसटी लगता था, अब पूरी तरह टैक्स फ्री होंगे. इसी तरह रबर (इरेज़र) पर पहले 5% जीएसटी लिया जाता था, वह भी खत्म कर दिया गया है. सरकार का कहना है कि इस फैसले से स्टेशनरी टैक्स-फ्री और बच्चों की पढ़ाई स्ट्रेस-फ्री हो जाएगी.

स्टेशनरी पर जीएसटी खत्म

सरकार ने एक बड़ा कदम उठाते हुए स्टेशनरी सामान को जीएसटी (वस्तु एवं सेवा कर) से पूरी तरह मुक्त कर दिया है. अब बच्चों की पढ़ाई से जुड़ी अहम वस्तुएं जैसे मैप्स, चार्ट्स, ग्लोब, पेंसिल, शार्पनर, क्रेयॉन, पेस्टल, कॉपी-किताबें और रबर पर कोई टैक्स नहीं लगेगा. पहले इन वस्तुओं पर 5 से 12 प्रतिशत तक जीएसटी लागू था.

स्कूली बच्चों और अभिभावकों को बड़ी राहत

इस फैसले से न सिर्फ बच्चों की पढ़ाई का बोझ हल्का होगा, बल्कि अभिभावकों को भी राहत मिलेगी. स्कूलों में रोजाना इस्तेमाल होने वाली इन वस्तुओं की कीमतें अब पहले से सस्ती होंगी, जिससे गरीब और मध्यम वर्गीय परिवारों को सीधे तौर पर लाभ मिलेगा. इस कदम से शिक्षा को और अधिक सुलभ और किफायती बनाने में मदद मिलेगी.

शिक्षा को प्रोत्साहन देने की पहल

विशेषज्ञों का मानना है कि यह निर्णय 'लर्निंग स्ट्रेस-फ्री' बनाने की दिशा में अहम कदम है. बच्चों को स्टेशनरी सामान के लिए अधिक खर्च नहीं करना पड़ेगा और अभिभावक भी निश्चिंत होकर बच्चों की पढ़ाई में सहयोग कर सकेंगे. सरकार का यह प्रयास न केवल शिक्षा क्षेत्र को मजबूत करेगा, बल्कि भविष्य की पीढ़ी को गुणवत्तापूर्ण शिक्षा उपलब्ध कराने की दिशा में भी मील का पत्थर साबित होगा.