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फरार गोवा नाइटक्लब मालिक लूथरा ब्रदर्स की मुश्किलें बढ़ीं, प्रदेश सरकार ने उठाया यह बड़ा कदम

गोवा सरकार ने CBI की सिफारिश पर नाइटक्लब अग्निकांड के संदिग्ध गौरव और सौरभ लुथरा के पासपोर्ट रद्द करने का अनुरोध MEA को भेजा. विदेश मंत्रालय इस मामले की जांच कर रहा है.

Kuldeep Sharma
Edited By: Kuldeep Sharma
फरार गोवा नाइटक्लब मालिक लूथरा ब्रदर्स की मुश्किलें बढ़ीं, प्रदेश सरकार ने उठाया यह बड़ा कदम
Courtesy: social media

गोवा: गोवा सरकार ने नाइटक्लब अग्निकांड में कथित रूप से फरार गौरव और सौरभ लुथरा के पासपोर्ट रद्द करने का अनुरोध विदेश मंत्रालय (MEA) को भेजा है. आग में 25 लोगों की मौत हुई थी. 

विदेश मंत्रालय पासपोर्ट अधिनियम के तहत इस अनुरोध की जांच कर रहा है. लुथरा भाइयों ने आग के बाद देश छोड़ दिया था और उनके खिलाफ इंटरपोल ने ब्लू कॉर्नर नोटिस जारी किया है.

गोवा सरकार का अनुरोध

गोवा सरकार ने MEA को लिखा कि गौरव और सौरभ लुथरा के पासपोर्ट रद्द किए जाएं. यह कदम तब उठाया गया जब CBI ने दोनों के खिलाफ कार्रवाई की सिफारिश की. MEA पासपोर्ट अधिनियम और संबंधित नियमों के तहत अनुरोध की जांच कर रहा है.

लुथरा भाइयों का देश छोड़ना

लुथरा भाई, जो कि गोवा के नाइटक्लब Birch by Romeo Lane के सह-मालिक माने जाते हैं, आग के तुरंत बाद देश छोड़कर चले गए. आग में 25 लोगों की मौत के बाद उनके खिलाफ जांच तेज हो गई. विदेशी यात्रा और पासपोर्ट रद्द होने की प्रक्रिया पर अब MEA विचार कर रहा है.

न्यायिक स्थिति और अंतरराष्ट्रीय नोटिस

नई दिल्ली की अदालत ने बुधवार को लुथरा भाइयों को गिरफ्तारी से अस्थायी सुरक्षा नहीं दी. CBI की सिफारिश पर इंटरपोल ने ब्लू कॉर्नर नोटिस जारी किया है. इस नोटिस के जरिए उन्हें अंतरराष्ट्रीय स्तर पर ट्रैक किया जा सकता है और गिरफ्तार किया जा सकता है.

वकीलों की दलील

लुथरा भाइयों के वकीलों ने आरोपों का खंडन किया. उनका कहना है कि दोनों केवल बिजनेस ट्रिप पर थे और क्लब के नियमित संचालन में शामिल नहीं थे. उन्होंने यह भी कहा कि वे सिर्फ लाइसेंसी थे, मालिक नहीं, और सीधे तौर पर आग की जिम्मेदारी उनके ऊपर नहीं आती.

पुलिस कार्रवाई और आगे की प्रक्रिया

गोवा पुलिस ने आग में शामिल पांच प्रबंधकों और कर्मचारियों को गिरफ्तार किया है. MEA की जांच और पासपोर्ट रद्द करने की प्रक्रिया जारी है. मामले की अंतरराष्ट्रीय कानूनी प्रक्रिया और भारतीय कानून के तहत आगे की कार्रवाई तय होगी.