गौरव गोगोई के पाकिस्तान लिंक पर सियासी तूफान, सीएम हिमंत बोले- जल्द पेश होंगे सबूत

गुरुवार को मीडिया से बातचीत के दौरान हिमंत बिस्वा सरमा ने कहा कि गौरव गोगोई और उनका परिवार पाकिस्तान से “गहराई से जुड़ा हुआ” है.

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Sagar Bhardwaj

असम की राजनीति में एक बार फिर बड़ा विवाद खड़ा हो गया है. मुख्यमंत्री हिमंत बिस्वा सरमा ने दावा किया है कि राज्य कांग्रेस अध्यक्ष और लोकसभा में विपक्ष के उपनेता गौरव गोगोई के पाकिस्तान से कथित संबंधों को लेकर जल्द ही ठोस सबूत जनता के सामने रखे जाएंगे. सीएम के इस बयान के बाद सियासी माहौल गर्म हो गया है.

सीएम हिमंत का बड़ा दावा

गुरुवार को मीडिया से बातचीत के दौरान हिमंत बिस्वा सरमा ने कहा कि गौरव गोगोई और उनका परिवार पाकिस्तान से “गहराई से जुड़ा हुआ” है. उन्होंने साफ शब्दों में कहा कि वह इस मामले से जुड़े सभी सबूत जल्द ही असम की जनता के सामने पेश करेंगे. मुख्यमंत्री ने यह भी कहा कि सोशल मीडिया पर चल रहे मीम्स के बारे में उन्हें जानकारी नहीं है, लेकिन आरोप पूरी तरह गंभीर हैं.

BJP के AI वीडियो और ‘पैजान’ विवाद

हाल के दिनों में बीजेपी की ओर से सोशल मीडिया पर कुछ AI से बने वीडियो और मीम्स वायरल किए गए हैं. इन वीडियो में गौरव गोगोई जैसे दिखने वाले एक व्यक्ति को “पैजान” कहा गया है. यह शब्द पाकिस्तान और भाईजान को जोड़कर बनाया गया है. बीजेपी का आरोप है कि गौरव गोगोई और उनकी पत्नी के पाकिस्तान की खुफिया एजेंसी ISI से करीबी संबंध हैं.

SIT की जांच और रिपोर्ट

मुख्यमंत्री हिमंत बिस्वा सरमा पहले ही इस मामले की जांच के लिए एक स्पेशल इन्वेस्टिगेशन टीम (SIT) का गठन कर चुके हैं. यह SIT अपनी जांच रिपोर्ट पिछले साल 10 सितंबर को मुख्यमंत्री को सौंप चुकी है. सीएम का दावा है कि जांच में कई चौंकाने वाले तथ्य सामने आए हैं, जो देश की संप्रभुता को कमजोर करने की एक बड़ी साजिश की ओर इशारा करते हैं.

केंद्रीय एजेंसी को सौंपा जा सकता है मामला

सीएम ने यह भी कहा कि इस केस को जल्द ही किसी केंद्रीय जांच एजेंसी को सौंपा जा सकता है, ताकि पूरे मामले की गहराई से जांच हो सके.

गौरव गोगोई का पलटवार

वहीं गौरव गोगोई ने मुख्यमंत्री के आरोपों को सिरे से खारिज किया है. उन्होंने कहा कि यह पूरा मामला “सी-ग्रेड बॉलीवुड फिल्म” जैसा है, जो जनता के सामने फ्लॉप हो जाएगा. गोगोई का कहना है कि असम की जनता सब समझती है और इस तरह के आरोपों से सच्चाई नहीं बदली जा सकती.

आगे क्या होगा

अब सबकी नजर इस बात पर टिकी है कि मुख्यमंत्री हिमंत बिस्वा सरमा कब और कौन से सबूत सार्वजनिक करते हैं. इस मुद्दे ने असम की राजनीति को एक बार फिर तीखे टकराव की ओर धकेल दिया है.