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5 महीने पहले रिटायर हो गए थे जज साहब, उन्हीं के नाम से आ गए हाई कोर्ट के 9 फैसले, अब मची खलबली

सुप्रीम कोर्ट को सूचित किया गया कि जज ने फैसलों का ऑपरेटिव हिस्सा अपने रिटायरमेंट से पहले सुनाया था लेकिन विस्तृत फैसला उनके रिटायरमेंट के बाद हाई कोर्ट की वेबसाइट पर अपलोड किया गया. मामले के संज्ञान में आते ही सुप्रीम कोर्ट ने इस पर रिपोर्ट मांगी है.

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5 महीने पहले रिटायर हो गए थे जज साहब, उन्हीं के नाम से आ गए हाई कोर्ट के 9 फैसले, अब मची खलबली
Courtesy: ANI

सुप्रीम कोर्ट ने मंगलवार को मद्रास हाईकोर्ट के पूर्व जज जस्टिस टी माथीवनन द्वारा अपने रिटायरमेंट के बाद कुछ केसों पर विस्तृत फैसला सुनाने को लेकर संज्ञान लिया. जस्टिस अभय एस ओका और ऑगस्टीन जॉर्ज मसीह की बेंच को सूचित किया गया कि हालांकि फैसले का ऑपरेटिव हिस्सा उनके रिटायरमेंट से पहले सुनाया गया लेकिन विस्तृत फैसला उनके रिटायरमेंट के बाद हाई कोर्ट की वेबसाइट पर अपलोड किया गया. मामले के संज्ञान में आते ही सुप्रीम कोर्ट ने इस पर रिपोर्ट मांगी है.

सुप्रीम कोर्ट ने मांगी डिटेल

सुप्रीम कोर्ट ने अब हाई कोर्ट के रजिस्ट्रार से पूछा है कि ऑपरेटिव फैसला कब सुनाया गया था और  डिटेल ऑर्डर कब अपलोड किया गया. सीबीआई द्वारा आय से अधिक संपत्ति के एक मामले को खारिज करने को चुनौती देने वाली याचिका पर सुनवाई के दौरान कोर्ट ने यह आदेश दिया.

पहली बार नहीं उठे माथीवनन पर सवाल
यह पहली बार नहीं है जब मई 2017 में माथीवनन के रिटायरमेंट के बाद उनके आचरण पर सुप्रीम कोर्ट ने सवाल उठाए हैं. इससे पहले सुप्रीम कोर्ट ने उनके एक फैसले को खारिज कर दिया था क्योंकि सुप्रीम कोर्ट ने पाया कि फैसले का विस्तृत भाग उनके रिटायर होने के 5 महीने बाद अपलोड किया गया था.

सुप्रीम कोर्ट ने जताई आपत्ति

सुप्रीम कोर्ट को आज सूचित किया गया कि वर्तमान केस के अलावा 9 और केस ऐसे थे जिनमें जस्टिस माथीवनन ने ऐसा ही किया था. सुप्रीम कोर्ट ने इस पर आपत्ति जताई और हाई कोर्ट से रजिस्ट्रार से पूछा कि क्या मद्रास हाई कोर्ट के चीफ जस्टिस की ओर से ऐसे 9 मामलों को लेकर कोई प्रशासनिक आदेश जारी किया गया था.