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ठाणे में प्री वेडिंग कार्यक्रम में खाना खाने के कुछ देर बाद हुई फूड पॉइजनिंग, 125 लोग बीमार

ठाणे के कल्याण में हल्दी समारोह के दौरान परोसे गए भोजन से 125 लोग बीमार पड़ गए. सभी को समय पर इलाज के लिए नजदीकी अस्पतालों में भर्ती कराया गया. पुलिस इस मामले की जांच कर रही है.

Km Jaya
Edited By: Km Jaya
ठाणे में प्री वेडिंग कार्यक्रम में खाना खाने के कुछ देर बाद हुई फूड पॉइजनिंग, 125 लोग बीमार
Courtesy: Grok AI

ठाणे: महाराष्ट्र के ठाणे जिले में एक प्री वेडिंग कार्यक्रम के दौरान अचानक लोगों की तबीयत बिगड़ने लगी. कल्याण शहर के खडकपाड़ा थाना क्षेत्र में आयोजित हल्दी समारोह में खाना खाने के बाद कम से कम 125 लोग बीमार पड़ गए. घटना रविवार शाम एक हाउसिंग कॉम्प्लेक्स में हुई, जहां शादी से पहले हल्दी की रस्म का आयोजन किया गया था.

कार्यक्रम में बड़ी संख्या में रिश्तेदार और मेहमान शामिल हुए थे. पुलिस के अनुसार समारोह के दौरान मेहमानों को भोजन परोसा गया था. खाना खाने के कुछ ही देर बाद कई लोगों को अचानक तबीयत खराब होने लगी. पीड़ितों को मतली, उल्टी और पेट दर्द की शिकायत होने लगी. देखते ही देखते कार्यक्रम स्थल पर अफरा तफरी मच गई.

कैसी थी वहां की स्थिति?

परिजनों और आयोजकों ने तुरंत बीमार लोगों को नजदीकी अस्पतालों और निजी क्लीनिकों में पहुंचाया. पुलिस ने बताया कि करीब 100 से 125 लोगों को संदिग्ध फूड पॉयजनिंग का शिकार हो गए. सभी मरीजों को समय पर इलाज मिल गया, जिसके बाद उन्हें अस्पताल से छुट्टी दे दी गई.

कल्याण जोन तीन के पुलिस उपायुक्त अतुल जेंदे ने बताया कि घटना की सूचना मिलते ही पुलिस मौके पर पहुंची. उन्होंने कहा कि सभी पीड़ितों की हालत अब स्थिर है और कोई भी खतरे से बाहर नहीं है. प्राथमिक जांच में भोजन को ही बीमारी की मुख्य वजह माना जा रहा है.

पुलिस ने क्या बताया?

खडकपाड़ा पुलिस स्टेशन के एक अधिकारी ने बताया कि समारोह में भोजन की आपूर्ति करने वाला कैटरर अहमदाबाद का रहने वाला है. कैटरर को पूछताछ के लिए बुलाया गया है. पुलिस यह जानने की कोशिश कर रही है कि भोजन की गुणवत्ता में कहां लापरवाही हुई.

इसके अलावा समारोह में परोसे गए खाने के नमूने भी जांच के लिए भेज दिए गए हैं. इन नमूनों की रिपोर्ट आने के बाद ही साफ हो पाएगा कि फूड पॉयजनिंग किस कारण से हुई. स्वास्थ्य विभाग भी पूरे मामले पर नजर बनाए हुए है. स्थानीय लोगों का कहना है कि इतने बड़े कार्यक्रम में खाने की गुणवत्ता और स्वच्छता पर विशेष ध्यान देना चाहिए था.