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गुजरात में बाढ़ का कहर; दो दिन में 16 की मौत, IMD ने भारी बारिश की दी चेतावनी

गुजरात में पिछले तीन दिनों से हो रही मूसलाधार बारिश के कारण कई शहरों में बाढ़ आ गई है. वडोदरा, महिसागर, खेड़ा, जूनागढ़, भरूच और अहमदाबाद समेत कई जिले और शहर जलमग्न हो गए हैं. नदियां उफान पर हैं.

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गुजरात में लगातार हो रही बारिश के कारण बाढ़ जैसी स्थिति पैदा हो गई है. मौसम विभाग के अधिकारियों ने आने वाले दिनों में और अधिक बारिश की चेतावनी दी है. सौराष्ट्र और कच्छ के ऊपर बना गहरा दबाव बना हुआ है, इससे और अधिक बारिश होने की संभावना है. भारतीय मौसम विज्ञान विभाग (आईएमडी) ने गुजरात के वडोदरा, छोटा उदयपुर, नर्मदा, भरूच और सूरत सहित कई जिलों के लिए 'रेड' अलर्ट जारी किया है.

आईएमडी के वैज्ञानिक रामाश्रय यादव ने कहा कि डीप डिप्रेशन 12 किलोमीटर प्रति घंटे की गति से आगे बढ़ रहा है और इससे सौराष्ट्र और कच्छ क्षेत्रों में बेहद भारी से लेकर असाधारण रूप से भारी बारिश होने की उम्मीद है. यह स्थिति बनी रहने की संभावना है, अगले चार दिनों तक भारी बारिश की चेतावनी जारी की गई है.

वडोदरा शहर में भयंकर बाढ़

वडोदरा में स्थिति विशेष रूप से भयावह है. शहर लगातार दो दिनों से कई फीट पानी में डूबा हुआ है, कुछ इलाकों में कथित तौर पर 12 फीट तक पानी भरा हुआ है. वडोदरा से होकर बहने वाली विश्वामित्री नदी भारी बारिश और अजवा बांध से पानी छोड़े जाने के बाद खतरे के निशान से 37 फीट ऊपर बह रही है. इसके कारण पूरे शहर में भयंकर बाढ़ आ गई है. 

पीएम मोदी ने सीएम से की बात

राज्य के स्वास्थ्य मंत्री ऋषिकेश पटेल ने वडोदरा में स्थिति को चिंताजनक बताया. स्थानीय प्रशासन ने पहले ही 5,000 से ज़्यादा निवासियों को सुरक्षित स्थानों पर पहुंचा दिया है और लगभग 1,200 फंसे हुए लोगों को बचाया है. इस बीच, प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी ने गुजरात के मुख्यमंत्री भूपेंद्र पटेल से फोन पर बातचीत कर स्थिति का जायजा लिया और इस संकट में केंद्र की ओर से हर संभव सहायता का आश्वासन दिया है.

अब तक 16 लोगों की मौत

स्वास्थ्य मंत्री ऋषिकेश पटेल ने कहा कि राहत कार्यों में तेजी लाने के लिए राष्ट्रीय आपदा मोचन बल (एनडीआरएफ) और राज्य आपदा मोचन बल (एसडीआरएफ) की टीमों के साथ-साथ सेना की अतिरिक्त टुकड़ियां तैनात की गई हैं. इन उपायों के बावजूद, शहर का बड़ा हिस्सा अभी भी जलमग्न है, जिसमें सिद्धार्थ नगर, अकोटा और फतेहगंज जैसे महत्वपूर्ण क्षेत्र सबसे अधिक प्रभावित हैं. गुजरात में स्थिति गंभीर बनी हुई है, पिछले दो दिनों में बारिश से जुड़ी घटनाओं में 16 लोगों की मौत हो गई है. राज्य में लगातार चौथे दिन भारी बारिश के कारण हज़ारों लोग विस्थापित हो गए हैं. 

बारिश और बाढ़ का असर रेलवे पर भी पड़ा है. पश्चिम रेलवे ने बताया कि बारिश के कारण सड़कें और रेलवे लाइन जलमग्न हो गईं जिससे यातायात और रेलगाड़ियों की आवाजाही भी बाधित हुई. मुंबई जाने वाली वंदे भारत एक्सप्रेस समेत आठ ट्रेनें रद्द कर दी गईं. साथ ही 10 अन्य ट्रेनें आंशिक रूप से रद्द कर दी गईं.