बेंगलुरु के जीटी मॉल में धोती पहने एक किसान को घुसने नहीं दिया गया. 70 वर्षीय किसान फकीरप्पा अपने बेटे के साथ मल्टीप्लेक्स में फिल्म देखने के लिए बेंगलुरु के जीटी मॉल गए थे, लेकिन उन्हें मॉल के अंदर जाने नहीं दिया गया. ऐसा इसलिए किया गया, क्योंकि फकीरप्पा धोती पहने हुए थे. कर्नाटक सरकार ने गुरुवार (18 जुलाई) को कहा कि वह प्रबंधन से मॉल को सात दिनों के लिए बंद करने के लिए कहेगी.
बीबीएमपी अधिनियम 2020 की धारा 156 और 06 दिसंबर 2023 के सर्कुलर के अनुसार, निगम के दक्षिण क्षेत्र के अंतर्गत जीटी मॉल को नोटिस जारी किया गया है और संपत्ति कर का भुगतान न करने पर मॉल को सील कर दिया गया है. वर्ष 2023-24 के लिए 1,78,23,560 करोड़ रुपये और चालू वर्ष में 1,78,23,460 करोड़ रुपये संपत्ति कर बकाया है.
शहरी विकास मंत्री बिरथी सुरेश ने विधानसभा को बताया कि सरकार मॉल के खिलाफ कड़ी कार्रवाई करेगी और किसान को मॉल में प्रवेश देने से मना करने पर मॉल को सात दिनों के लिए बंद करने का आदेश दिया जाएगा. मॉल में प्रवेश के लिए पोशाक संबंधी प्रतिबंधों का विरोध करते हुए सुरेश ने पूछा, क्या मॉल पूर्व प्रधानमंत्री एचडी देवेगौड़ा को प्रवेश करने से रोकेगा, जो धोती पहनते हैं? विधानसभा अध्यक्ष यूटी खादर ने भी घटना की निंदा की और सरकार से इस मुद्दे पर ध्यान देने और कड़ी कार्रवाई करने को कहा.
विपक्ष के नेता आर. अशोक ने कहा कि बेंगलुरू में क्लबों द्वारा लगाए गए ड्रेस कोड के मुद्दे पर सदन में पहले भी कई बार चर्चा हो चुकी है. अशोक ने सरकार से भविष्य में ऐसी घटनाओं की पुनरावृत्ति को रोकने के लिए कड़े कदम उठाने का भी आग्रह किया. देवेगौड़ा के अलावा, मुख्यमंत्री सिद्धारमैया, पूर्व मंत्री और जेडीएस नेता एचडी रेवन्ना सहित कर्नाटक के कई राजनेता धोती पहनते हैं और विधानसभा सत्र में भाग लेते हैं.
कुछ महीने पहले, बेंगलुरु के नम्मा मेट्रो स्टेशन पर भी ऐसी ही घटना हुई थी, जहां एक व्यक्ति को उसके पहनावे के कारण प्रवेश से वंचित कर दिया गया था. इस घटना के बाद BMRCL ने एक सुरक्षा पर्यवेक्षक को बर्खास्त कर दिया था.