Budget: वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण न मंगलवार को विपक्ष के उन आरोपों का खंडन किया जिसमें दावा किया जा रहा था कि विपक्ष द्वारा शासित राज्यों को बजट में कुछ भी नहीं दिया गया. लोकसभा में विपक्ष के आरोपों का जवाब देते हुए वित्त मंत्री ने कहा कि ऐसा कोई राज्य नहीं जिसे फंड न दिया गया हो. उन्होंने कहा कि बजट में हर राज्य का नाम हो ऐसा जरूरी नहीं. वित्त मंत्री ने कहा कि पूर्व में यूपीए सरकार द्वारा पेश किए गए बजटों में भी बजट भाषण के दौरान सभी राज्यों का नाम नहीं लिया गया.
मैंने सभी बजट भाषणों को सुना है
निर्मला सीतारमण ने कहा, 'मैंने 2004-2005, 2005-2006, 2006-2007, 2007-2008 और कई बजट भाषणों को सुना है. 2004-2005 के बजट में 17 राज्यों का नाम नहीं था. मैं उस समय की यूपीए सरकार के सदस्य रहे लोगों से पूछना चाहूंगी कि क्या इन 17 राज्यों को कोई पैसा नहीं दिया गया था.'
VIDEO | "We have provided substantial financial support of Rs 17,000 crore in the Union Budget of UT Jammu and Kashmir this year. It includes Rs 12,000 crore towards financing the cost of Jammu and Kashmir Police. That's the burden we want to take on our shoulders, so that Jammu… pic.twitter.com/lMFvw2BE6j
— Press Trust of India (@PTI_News) July 30, 2024Also Read
उन्होंने कहा, 'हमने इस वर्ष केंद्र शासित प्रदेश जम्मू-कश्मीर के केंद्रीय बजट में 17,000 करोड़ रुपये की पर्याप्त वित्तीय सहायता प्रदान की है. इसमें जम्मू-कश्मीर पुलिस की लागत के वित्तपोषण के लिए 12,000 करोड़ रुपये शामिल हैं. यही वह बोझ है जिसे हम अपने कंधों पर लेना चाहते हैं, ताकि जम्मू-कश्मीर में विकास गतिविधियों पर पैसा खर्च करने में अधिक लचीलापन हो.'
2009-10 के बजट में 26 राज्यों के नाम नहीं थे
निर्मला सीतारमण ने कहा, '2005-06 के बजट में 18 राज्यों के नाम नहीं थे, 2006-07 के बजट में 13 राज्यों के नाम नहीं थे, 2007-08 के बजट में 16 राज्यों के नाम नहीं थे. तो क्या उन राज्यों को पैसा नहीं दिया गया. 2008-09 के बजट में 13 और 2009-10 के बजट में 26 राज्यों के नाम नहीं थे.'
कुर्सी बचाने के लिए बिहार, आंध्र को दे दिया सारा पैसा
बता दें कि विपक्ष का आरोप है कि केंद्र ने अपनी कुर्सी बचाने के लिए अपने दो प्रमुख सहयोगियों के राज्यों बिहार और तमिलनाडु को ही सारा पैसा दे दिया और बाकी राज्यों को झुनझुना पकड़ा दिया.
2014-23 के बीच 12.5 करोड़ नौकरियां उत्पन्न हुईं
वहीं बेरोजगारी के सवाल पर वित्त मंत्री ने एसबीआई की रिसर्च रिपोर्ट का हवाला देते हुए कहा कि 2014-23 के बीच 12.5 करोड़ नौकरियां उत्पन्न हुई हैं. सीतारमण ने यह भी कहा कि विभिन्न सामाजिक योजनाओं के लिए बजट आवंटन पिछले साल के बजट की तुलना में बढ़ा है और 2013-14 की तुलना में भी बढ़ा है.
कृषि क्षेत्र को दिए 1.52 लाख करोड़
उन्होंने कहा कि कृषि और उससे जुड़े हुए क्षेत्रों को 2013-14 के बजट में 30,000 करोड़ दिए गे थे जबकि इस बार के बजट में 1.52 लाख करोड़ दिए गए हैं और यह पिछले साल इस क्षेत्र को दिए गए बजट से 8000 करोड़ ज्यादा है.