नई दिल्ली: NCP से बगावत करके NDA में शामिल होने वाले अजित पवार समेत 9 विधायकों को लेकर एनसीपी प्रमुख शरद पवार का बड़ा बयान सामने आया है.
शरद पवार ने बड़ी प्रतिक्रया जाहिर करते हुए कहा कि "हाल ही में हमारे कुछ लोग महायुति सरकार में शामिल हुए. वे कह रहे थे कि वे राज्य के विकास के लिए सरकार में शामिल हो रहे हैं लेकिन यह सच नहीं है. सच यह है कि उनमें से कुछ लोग ईडी की जांच के दायरे में थे और वे जांच का सामना नहीं करना चाहते थे"
सोशल मीडिया पर पार्टी की ओर से आयोजित एक मीटिंग में एनसीपी कार्यकर्ताओं को संबोधित करते हुए पवार ने कहा कि "अनिल देशमुख जैसे कुछ लोगों ने जांच का सामना किया और जेल जाना स्वीकार किया. उन्होंने जेल में 14 महीने बिताए. उन्हें जांच से बचने के लिए बीजेपी में शामिल होने की पेशकश भी की गई लेकिन उन्होंने अपनी विचारधारा नहीं छोड़ी और एनसीपी नहीं छोड़ने के अपने फैसले पर अड़े रहे"
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बीते साल शिवसेना नेता एकनाथ शिंदे बीजेपी के समर्थन से महाराष्ट्र के मुख्यमंत्री बने थे. असके बाद पिछले महीने एनसीपी में भी बड़ी बगावत देखने को मिली थी. जब पार्टी के वरिष्ठ नेता अजित पवार 9 विधायकों को साथ लेकर महाराष्ट्र में शिवसेना-बीजेपी सरकार में शामिल हो गए थे.अजित पवार ने राज्य के डिप्टी सीएम के तौर जबकि 9 विधायकों ने मंत्री के तौर पर शपथ ली थी.
बीते दिनों एनसीपी प्रमुख शरद पवार और महाराष्ट्र के उपमुख्यमंत्री अजित पवार की बीते दिनों बिजनेसमैन के घर पर हुई मुलाकात को लेकर महाराष्ट्र की सियासत में हलचल का दौर देखने को मिला था. इस मीटिंग के बाद कयास लगाए जाने लगे कि शरद पवार एनडीए का हिस्सा बन सकते हैं लेकिन शरद पवार ने अपना स्टैंड साफ करते हुए कहा कि वह बीजेपी की विचारधारा से समझौता नहीं कर सकते.