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अल नीनो का खतरा बढ़ा! PMO ने 15 मंत्रालयों को दिया खास एक्शन प्लान

अल नीनो के संभावित प्रभाव को देखते हुए पीएमओ ने उच्चस्तरीय समीक्षा बैठक की. सरकार ने कृषि, पानी, बिजली और खाद्य सुरक्षा से जुड़े विभागों को सतर्क रहने तथा राज्यों के साथ मिलकर तैयारी मजबूत करने के निर्देश दिए हैं.

Kuldeep Sharma
Edited By: Kuldeep Sharma
अल नीनो का खतरा बढ़ा! PMO ने 15 मंत्रालयों को दिया खास एक्शन प्लान
Courtesy: ai generated

देश में मानसून की बदलती स्थिति और अल नीनो की आशंकाओं के बीच केंद्र सरकार ने तैयारियों की समीक्षा तेज कर दी है. प्रधानमंत्री कार्यालय में हुई एक महत्वपूर्ण बैठक में विभिन्न मंत्रालयों के वरिष्ठ अधिकारियों ने कृषि, जल प्रबंधन, ऊर्जा आपूर्ति और ग्रामीण क्षेत्रों पर संभावित प्रभावों को लेकर विस्तृत चर्चा की.

मानसून और अल नीनो पर सरकार की नजर

प्रधानमंत्री के प्रधान सचिव डॉ. पी.के. मिश्रा की अध्यक्षता में आयोजित बैठक में मौसम की वर्तमान स्थिति और आगामी महीनों के अनुमान पर विचार किया गया. भारतीय मौसम विभाग ने बताया कि कुछ राज्यों में मानसून सामान्य समय से देर से पहुंचा, हालांकि जुलाई के शुरुआती दिनों में हुई अच्छी वर्षा से स्थिति में सुधार देखने को मिला है. विभाग ने यह भी संकेत दिया कि जुलाई और अगस्त के दौरान हल्के से मध्यम स्तर का अल नीनो प्रभाव दिखाई दे सकता है. अधिकारियों ने स्पष्ट किया कि अल नीनो का असर हर बार सूखे के रूप में नहीं दिखता, लेकिन इसके संभावित प्रभावों को ध्यान में रखते हुए पहले से तैयारी आवश्यक है.

कृषि क्षेत्र के लिए विशेष रणनीति

बैठक में कृषि मंत्रालय ने संवेदनशील जिलों के लिए तैयार की गई योजनाओं की जानकारी दी. मंत्रालय के अनुसार, देश के 262 जोखिम वाले जिलों के लिए जिला स्तर की कृषि आकस्मिक योजनियों को अद्यतन किया गया है. भारतीय कृषि अनुसंधान परिषद द्वारा कृषि विज्ञान केंद्रों को विशेष दिशा-निर्देश भी जारी किए गए हैं. सरकार का लक्ष्य यह सुनिश्चित करना है कि यदि मौसम प्रतिकूल रहता है तो किसानों को कम से कम नुकसान हो. इसी उद्देश्य से प्रधानमंत्री फसल बीमा योजना और किसान क्रेडिट कार्ड के दायरे को बढ़ाने पर भी जोर दिया जा रहा है. पशुपालन विभाग को चारे की उपलब्धता पर लगातार निगरानी रखने के निर्देश दिए गए हैं.

पानी, बिजली और खाद्य सुरक्षा पर फोकस

सरकार ने कृषि के साथ-साथ आवश्यक सेवाओं की उपलब्धता को भी प्राथमिकता दी है. पेयजल विभाग संवेदनशील इलाकों में पानी की आपूर्ति सुनिश्चित करने के लिए स्थानीय स्तर पर योजनाएं तैयार कर रहा है. जल संसाधन विभाग भूजल और जलाशयों के स्तर की लगातार निगरानी कर रहा है ताकि उपलब्ध संसाधनों का संतुलित उपयोग किया जा सके. उपभोक्ता मामलों के मंत्रालय ने बताया कि देश में चावल, गेहूं और दालों का पर्याप्त भंडार मौजूद है. वहीं बिजली मंत्रालय ने ऊर्जा आपूर्ति की स्थिति को संतोषजनक बताया. बैठक के अंत में सभी मंत्रालयों को निर्देश दिया गया कि वे राज्यों के साथ समन्वय बढ़ाकर संभावित चुनौतियों का समय रहते समाधान सुनिश्चित करें.