हिमालयी क्षेत्र में भूकंप से अफरा-तफरी, तिब्बत और अफगानिस्तान में झटके, भारत में भी हुआ असर?

तिब्बत और अफगानिस्तान में घंटों के भीतर कई भूकंप आए, जिससे पूरे क्षेत्र में चिंता फैल गई, हालांकि किसी भी प्रकार के नुकसान या हताहत की सूचना नहीं मिली.

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Reepu Kumari

हिमालयी और मध्य एशिया क्षेत्र में रविवार तड़के भूकंपों की श्रृंखला ने एक बार फिर लोगों की चिंता बढ़ा दी. तिब्बत और अफगानिस्तान में कुछ ही घंटों के अंतराल में आए झटकों से धरती हिलती महसूस की गई. हालांकि किसी तरह के नुकसान की खबर सामने नहीं आई है, लेकिन भूकंपीय गतिविधि के कारण सीमावर्ती इलाकों में सतर्कता बढ़ा दी गई है.

राष्ट्रीय भूकंप विज्ञान केंद्र ने इन भूकंपों की पुष्टि करते हुए बताया कि सभी झटके मध्यम तीव्रता के थे. तिब्बत और अफगानिस्तान दोनों ही क्षेत्र भूकंपीय दृष्टि से संवेदनशील माने जाते हैं. ऐसे में लगातार दर्ज हो रहे झटके इस पूरे भू-भाग की सक्रियता को दर्शाते हैं, जिसका असर आसपास के देशों तक महसूस किया जा सकता है.

तिब्बत में एक के बाद एक झटके

एनसीएस के अनुसार रविवार सुबह तिब्बत में 3.7 तीव्रता का भूकंप दर्ज किया गया. इसका केंद्र 10 किलोमीटर की गहराई पर था, जिससे इसे उथला भूकंप माना गया. इससे पहले शनिवार को भी तिब्बत में 3.0 तीव्रता का एक अन्य भूकंप रिकॉर्ड किया गया था. दोनों ही झटकों से किसी तरह के नुकसान या घायलों की सूचना नहीं मिली है.

अफगानिस्तान में 4.1 तीव्रता का भूकंप

इसी दौरान अफगानिस्तान में रविवार तड़के 4.1 तीव्रता का भूकंप आया. एनसीएस के मुताबिक इसका केंद्र 112 किलोमीटर की गहराई पर स्थित था. गहराई अधिक होने के कारण इसका असर सीमित रहा और किसी तरह की तबाही की खबर सामने नहीं आई. फिर भी स्थानीय प्रशासन स्थिति पर नजर बनाए हुए है.

क्या भारत में महसूस हुए झटके

इन भूकंपों के बाद भारत में झटके महसूस होने को लेकर कोई आधिकारिक पुष्टि नहीं हुई है. अधिकारियों के अनुसार कहीं से भी हल्के कंपन या नुकसान की सूचना नहीं मिली. हालांकि हिमालयी क्षेत्र की भूकंपीय संवेदनशीलता को देखते हुए विशेषज्ञ सतर्क रहने की सलाह देते हैं और स्थिति पर लगातार निगरानी की जा रही है.

भूकंपीय दृष्टि से संवेदनशील क्षेत्र

तिब्बती पठार और अफगानिस्तान दोनों ही सक्रिय विवर्तनिक प्लेटों के क्षेत्र में आते हैं. यहां सतही और गहरे दोनों प्रकार के भूकंप आते रहते हैं. विशेषज्ञों के अनुसार उथले भूकंप ज्यादा खतरनाक हो सकते हैं, लेकिन फिलहाल दर्ज किए गए झटके कम तीव्रता के रहे, जिससे बड़े खतरे की स्थिति नहीं बनी.