जैसे-जैसे गणतंत्र दिवस करीब आ रहा है वैसे वैसे डीआरडीओ की खतरनाक हाइपरसोनिक मिसाइल LRAShM की चर्चा तेज होने लगी है. LRAShM का पूरा नाम Long Range Anti-Ship Hypersonic Missile है. यह एक अत्याधुनिक मिसाइल है, जिसे DRDO ने खास तौर पर Indian Navy की जरूरतों को ध्यान में रखकर विकसित किया है. यह मिसाइल समुद्र में दुश्मन के युद्धपोतों को बहुत कम समय में निशाना बनाने में सक्षम है.
इस मिसाइल की सबसे बड़ी खासियत इसकी 1,500 किलोमीटर की रेंज है. यह इतनी तेज रफ्तार से उड़ती है कि 1,500 KM दूर मौजूद टारगेट को 15 मिनट से भी कम समय में हिट कर सकती है. इतनी स्पीड पर दुश्मन के रडार इसे समय रहते पकड़ नहीं पाते.
LRAShM Hypersonic स्पीड पर उड़ती है, यानी ध्वनि की गति से कई गुना तेज. इस वजह से दुश्मन के एयर डिफेंस सिस्टम को चकमा देना आसान हो जाता है. इसकी डिजाइन ऐसी है कि यह हवा में ग्लाइड करते हुए लंबी दूरी तय करती है और सीधे टारगेट पर वार करती है.
DRDO के मुताबिक, यह मिसाइल सभी तरह के Warships को नष्ट करने की क्षमता रखती है. इसमें अलग-अलग तरह के Payload लगाए जा सकते हैं, जिससे यह दुश्मन के जहाजों की सुरक्षा प्रणाली को पूरी तरह फेल कर देती है.
गणतंत्र दिवस 2026 की परेड में DRDO की झांकी के जरिए LRAShM को देश और दुनिया के सामने पेश किया जाएगा. इसके साथ Dhanush Gun System, Akash Launcher और Suryastra Rocket Launcher जैसी दूसरी रक्षा तकनीकें भी दिखाई जाएंगी.
LRAShM मिसाइल भारत की रक्षा आत्मनिर्भरता का मजबूत उदाहरण है. DRDO भविष्य में इससे भी लंबी रेंज की Hypersonic मिसाइल टेक्नोलॉजी पर काम कर रहा है. यह मिसाइल न सिर्फ नौसेना की ताकत बढ़ाएगी, बल्कि हिंद महासागर क्षेत्र में भारत की रणनीतिक पकड़ को भी और मजबूत बनाएगी.