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India Daily

'मुझे अरेस्ट नहीं किडनैप किया गया...', ध्रुव राठी ने पुलिस पर लगाए गंभीर आरोप

ध्रुव राठी ने आगे कि नरेंद्र मोदी ने इस देश को तानाशाही बना दिया है. उन्होंने कहा कि यह सीधे तौर पर एक अनौपचारिक इमरजेंसी है

Sagar
Edited By: Sagar Bhardwaj
'मुझे अरेस्ट नहीं किडनैप किया गया...', ध्रुव राठी ने पुलिस पर लगाए गंभीर आरोप
Courtesy: X

हिरासत से रिहा होते ही फेमस यूट्यूबर ध्रुव राठी ने पुलिस पर गंभीर आरोप लगाए हैं. उन्होंने कहा कि उन्हें अरेस्ट नहीं किडनैप किया गया. बता दें कि ध्रुव राठी 10 अक्तूबर को दिल्ली के जंतर-मंतर पर होने वाले सीजेपी के प्रोटेस्ट में शामिल होने के लिए आए थे. इससे पहले उन्होंने बेंगलुरु में आयोजित एक विरोध प्रदर्शन में हिस्सा लिया था.

ध्रुव ने X पर एक वीडियो शेयर कर बताया, '10 अक्तूबर को सुबह करीब 7 बजे मैं अपने बेडरूम में सो रहा था. मेरी मम्मी ने सुबह उठकर दरवाजा खोला क्योंकि सादा कपड़ों में कुछ लोग मेरे घर के बाहर घूम रहे थे और तभी ये करीब 20 लोग मेरी मां को धक्का मारते हुए मेरे घर में घुस जाते हैं और चारों तरफ फैल जाते हैं. मेरी तब तक नींद भी नहीं खुली थी. इससे पहले कि मैं कुछ प्रतिक्रिया दे पाता ये लोग मुझे किडनैप कर के ले जाते हैं.'

मुझे अरेस्ट नहीं किडनैप किया गया

ध्रुव ने कहा, 'मुझे अरेस्ट नहीं बल्कि किडनैप किया गया क्योंकि मेरा डिटेंशन तब होता जब में कहीं प्रोटेस्ट में गया होता, या मैं अरेस्ट तब होता जब कोई पुलिस वाला आता अपनी नेम प्लेट दिखाता. मुझे बाता कि मुझे इन धाराओं के तहत अरेस्ट किया जा रहा है, तो मैं खुशी-खुशी उनके साथ चला जाता. इन लोगों ने मेरे घर में गुंडे भेजकर मुझे किडनैप करवाया. ध्रुव ने कहा कि उनके घर में उनके अलावा उनके मां और पिता थे. बाद में मुझे पता चला कि मेरे घर के बाहर 50 से ज्यादा गुंडे खड़े थे. इन लोगों ने मुझे कुछ बोलने का मौका नहीं दिया और मुझे अपराधी की तरह बेडरूम से घसीटकर लेकर गए और जीप में बंद कर दिया.'

ध्रुव ने आगे कहा कि इसके बाद मुझे एक से दूसरे पुलिस स्टेशन लेकर जाया गया. मेरा फोन भी छीन लिया गया. उन्होंने मुझे मेरे वकील से भी नहीं मिलने दिया गया और फोन का इस्तेमाल भी नहीं करने दिया गया और मुझे 22-23 घंटों तक किडनैप करके रखा.

किस लोकतांत्रिक देश में ऐसा होता है

ध्रुव ने अपने फैंस से पूछा कि क्या आपने किसी लोकतांत्रिक देश में ऐसा होते हुए सुना है जहां किसी भी आम नागरिक को जिसने कोई क्राइम नहीं किया और अपने हक और देश की बेहतरी के लिए आवाज उठाई हो, उसे उसके घर में घुस कर उठा लिया जाता हो. उसके माता-पिता के साथ मार पिटाई की जाती हो. ऐसा किसी भी लोकतांत्रिक देश में नहीं होता.

मोदी ने इस देश को तानाशाही बना दिया है

ध्रुव राठी ने आगे कहा कि नरेंद्र मोदी ने इस देश को तानाशाही बना दिया है. उन्होंने कहा कि यह सीधे तौर पर एक अनौपचारिक इमरजेंसी है. उन्होंने कहा कि जो यहां हुआ 7000 लोगों को हिरासत में ले लिया गया, कई नेताओं को हिरासत में ले लिया गया, ऐसा इमरजेंसी के दौर में होता था और आज ऐसा सिर्फ नॉर्थ कोरिया में होता है. उन्होंने लोगों से पूछा कि क्या आप एक ऐसा देश देखना चाहेंगे जहां आपको अपना आवाज उठाने का मौका न मिले. उन्होंने कहा कि जो लोग ये सब देख कर खुश हो रहे थे, वो लोग एक बात जान लें कि जब तानाशाही आ जाती है तो ऐसा केवल मेरे साथ ही नहीं आपके साथ भी होगा, किसी के साथ भी होगा.

पीएम मोदी को दी चेतावनी

ध्रुव राठी ने पीएम मोदी से अपनी करते हुए कहा कि मैं आपसे बस इतना ही कहना चाहता हूं कि किसी को इतना भी ना डराओ कि उसका सारा डर खत्म हो जाए. उन्होंने कहा कि इतिहास गवाह है जितने भी तानाशाह हुए उनका अंत बहुत ही बुरा हुआ. राठी ने अंत में सोनम वांगचुक का भी धन्यवाद दिया जिन्होंने प्रदर्शनारियों को जल्द से जल्द ना छोड़ने पर दोबारा भूख हड़ताल पर बैठने की चेतावनी दी थी.