कॉकरोच जनता पार्टी (CJP) के नेता अजिंक्य शिंदे ने शनिवार को मुख्य चुनाव आयुक्त (CEC) ज्ञानेश कुमार के इस्तीफे की मांग को लेकर नए सिरे से प्रदर्शन का आह्वान किया. उन्होंने कहा कि जब तक ज्ञानेश कुमार का इस्तीफा नहीं हो जाता तब तक हर रोज जंतर-मंतर तक मार्च निकाला जाएगा. शिंदे के इस ऐलान ने दिल्ली पुलिस और केंद्र सरकार की परेशानी बढ़ा दी है.
आज यानी शनिवार (10 अक्टूबर) को जंतर-मंतर और उसके आसपास के इलाकों से करीब 4000 प्रदर्शनकारियों को हिरासत में लिया गया. सीजेपी के आह्वान पर ये सभी प्रदर्शनकारी ज्ञानेश कुमार के इस्तीफे की मांग को लेकर जंतर-मंतर पहुंचे थे. विरोध प्रदर्शन को नेस्तनाबूद करने के लिए करीब 26 से 30 हजार जवानों की तैनाती की गई थी. हिरासत में लिए गए लोगों में सीजेपी प्रमुख अभिजीत दिपके, आशुतोष रांका और सौरव दास समेत इंडिया ब्लॉक के नेता नेता अरविंद केजरीवाल, संजय सिंह, ममता बनर्जी, पिनराई विजयन और माणिक सरकार जैसे पूर्व मुख्यमंत्री शामिल थे.
आज पूरे दिन के घटनाक्रम पर प्रेस कॉन्फ्रेंस करते हुए शिंदे ने कहा कि पार्टी और उसके समर्थक दोबारा मजबूती से लौटेंगे. बता दें कि दिल्ली एयरपोर्ट पर हिरासत में लिए जाने के बाद दिपने ने प्रदर्शन के नेतृत्व की जिम्मेदारी शिंदे को सौंपी थी.
CJP और विपक्षी दलों ने मुख्य चुनाव आयुक्त ज्ञानेश कुमार पर मतदाता सूची को अपडेट करने के दौरान बीजेपी के पक्ष में काम करने का आरोप लगाया है. हालांकि, चुनाव आयोग का कहना है कि विशेष गहन पुनरीक्षण (SIR) एक नियमित प्रक्रिया है, जिसका उद्देश्य मृत, दोहरे और अयोग्य मतदाताओं के नाम हटाना है.