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India Daily

इबोला इंटरनेशनल हेल्थ इमरजेंसी घोषित, DGCA ने एयरलाइंस के लिए जारी किए कड़े नियम

राहत की बात यह है कि भारत में अभी तक इबोला का एक भी मामला सामने नहीं आया है लेकिन सरकार पहले से ही पूरी सावधानी बरत रही है.

Sagar
Edited By: Sagar Bhardwaj
इबोला इंटरनेशनल हेल्थ इमरजेंसी घोषित, DGCA ने एयरलाइंस के लिए जारी किए कड़े नियम
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कांगो और युगांडा जैसे देशों में इबोला वायरस के बढ़ते मामलों को देखते हुए विश्व स्वास्थ्य संगठन (WHO) ने इसे इंटरनेशनल हेल्थ इमरजेंसी घोषित कर दिया है. इसके बाद भारत सरकार के नागरिक उड्डयन महानिदेशालय (DGCA) ने भी कमर कस ली है और विमान कंपनियों के लिए कड़े दिशा-निर्देश जारी किए हैं. राहत की बात यह है कि भारत में अभी तक इबोला का एक भी मामला सामने नहीं आया है लेकिन सरकार पहले से ही पूरी सावधानी बरत रही है.

यात्रियों के लिए नियम:'सेल्फ-डिक्लेरेशन फॉर्म' भरना जरूरी

  • अगर कोई यात्री प्रभावित देशों से सीधा या किसी दूसरे देश से होकर भारत आ रहा है तो उसे उड़ान भरने से पहले एक 'सेल्फ-डिक्लेरेशन फॉर्म' भरना होगा. इसमें उसे अपनी सेहत की सही जानकारी देनी होगी.
  • फ्लाइट के अंदर भी एयरहोस्टेस और क्रू मेंबर्स लगातार यह अनाउंसमेंट करेंगे कि अगर किसी यात्री को बुखार, कमजोरी, बदन दर्द, सिरदर्द, गले में खराश, उल्टी, दस्त या ब्लीडिंग जैसी समस्या है, तो वह तुरंत इसकी जानकारी क्रू को या एयरपोर्ट पर उतरते ही मेडिकल टीम को दे. भारत आने के 21 दिनों के भीतर भी अगर ऐसे लक्षण दिखें  तो तुरंत डॉक्टर को बताना होगा.
  •  फ्लाइट के अंदर बीमार मरीज के लिए खास इंतजाम
  • अगर उड़ान के दौरान किसी यात्री में इबोला के लक्षण दिखते हैं, तो एयरलाइंस को इन नियमों का पालन करना होगा.
  • बीमार यात्री को फ्लाइट के बिल्कुल पिछले हिस्से में बैठाया जाएगा.
  • उसकी देखरेख के लिए केवल एक ही क्रू मेंबर को जिम्मेदारी दी जाएगी ताकि बाकी लोग सुरक्षित रहें.
  • बीमार यात्री के आगे, पीछे और बगल की तीन लाइनें खाली रखी जाएंगी.
  • मरीज के लिए एक अलग टॉयलेट तय किया जाएगा. आसपास बैठे यात्रियों को तीन लेयर वाले मास्क दिए जाएंगे.
  • भारत में लैंड करते ही पूरे हवाई जहाज को अच्छी तरह से सैनिटाइज (Disinfect) किया जाएगा.

बीमारी से निपटने के लिए ट्रेनिंग के निर्देश

DGCA ने सभी एयरलाइंस से कहा है कि वे अपने क्रू मेंबर्स को इस बीमारी से निपटने की खास ट्रेनिंग दें. साथ ही, हर फ्लाइट में फर्स्ट-एड किट, पीपीई (PPE) किट, मास्क, ग्लव्स, सैनिटाइजर और कचरा फेंकने के लिए बायो-हजार्ड बैग्स हमेशा तैयार रखें.