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India Daily

दिल्ली की हवा में सुधार, सुप्रीम कोर्ट ने GRAP-4 से लगी पाबंदी हटाई

दिल्ली-NCR में लागू ग्रैप-4 को हटा लिया गया है. सर्वोच्च न्यायालय ने गुरुवार को कहा कि वायु गुणवत्ता सूचकांक या एक्यूआई स्तर में गिरावट के रुझान को देखते हुए दिल्ली और आसपास के क्षेत्रों में वायु प्रदूषण से निपटने के लिए ग्रेडेड रिस्पांस एक्शन प्लान (जीआरएपी) के चरण 4 के तहत आपातकालीन उपायों को वापस लिया जा सकता है.

Gyanendra Sharma
दिल्ली की हवा में सुधार, सुप्रीम कोर्ट ने GRAP-4 से लगी पाबंदी हटाई
Courtesy: Social Media

सर्वोच्च न्यायालय ने गुरुवार को कहा कि वायु गुणवत्ता सूचकांक या एक्यूआई स्तर में गिरावट के रुझान को देखते हुए दिल्ली और आसपास के क्षेत्रों में वायु प्रदूषण से निपटने के लिए ग्रेडेड रिस्पांस एक्शन प्लान (जीआरएपी) के चरण 4 के तहत आपातकालीन उपायों को वापस लिया जा सकता है.  शीर्ष अदालत दिल्ली-एनसीआर क्षेत्रों में वायु प्रदूषण पर अंकुश लगाने के उपायों से संबंधित मामले की सुनवाई कर रही थी. दिल्ली में पिछले एक महीने से लगातार वायु प्रदूषण के बाद आज वायु गुणवत्ता में सुधार हुआ और AQI 161 पर 'मध्यम' श्रेणी में पहुंच गया.

दिल्ली-NCR में लागू ग्रैप-4 को हटा लिया गया है. ब्रीफ नोट को देखने के बाद सुप्रीम कोर्ट ने दिल्ली-NCR में लागू ग्रैप-4 को हटाने का आदेश दिया.  एएसजी द्वारा पेश किए गए ब्रीफ नोट में बताया गया कि दिल्ली-NCR में प्रदूषण के स्तर में सुधार है.  बता दें कि ग्रैप-4 तब लगाया जाता है, जब AQI 450 से अधिक हो जाता है. इसमें सभी निर्माण कार्य पूरी तरह से रोक दिए जाते हैं. स्कूलों को बंद कर दिया जाता है और निजी वाहनों के लिए ऑड-ईवन योजना तक सख्त वाहन प्रतिबंध लगा दिए जाते हैं.

 हवा का स्तर कब होता है खराब

शून्य से 50 के बीच एक्यूआई को 'अच्छा', 51 से 100 के बीच को 'संतोषजनक', 101 से 200 के बीच को 'मध्यम', 201 से 300 के बीच को 'खराब', 301 से 400 के बीच को 'बहुत खराब' तथा 401 से 500 के बीच को 'गंभीर' माना जाता है.

पंजाब और हरियाणा पराली समस्या

केंद्रीय पर्यावरण मंत्रालय के एक शीर्ष अधिकारी ने बुधवार को सांसदों को बताया कि पंजाब और हरियाणा में पराली जलाना दिल्ली-एनसीआर में वायु प्रदूषण के मुख्य कारणों में से एक है और किसानों को धान के अवशेषों का उपयोग पशु चारे और औद्योगिक उद्देश्यों के लिए करने के लिए प्रोत्साहित करने के लिए कई कदम उठाए जा रहे हैं.