Delhi Namaz: दिल्ली के इंद्रलोक इलाके में सड़क पर नमाज को लेकर जमकर हंगामा हुआ. नमाज पढ़ने से रोकने के दौरान एक पुलिसकर्मी की ओर नमाजियों के साथ दुर्व्यवहार की घटना से लोग नाराज हो गये. दरअसल पिछले दिनों दिल्ली में नमाज का जो वीडियो सामने आया था उसमें देखा जा सकता है कि नमाजी सड़क पर नमाज अदा कर रहे हैं. इसी दौरान एक पुलिसवाला नमाजियों को लात मारता हुआ दिखाई दे रहा है.
गुस्साए लोगों ने इस मामले को लेकर इंद्रलोक थाने का घेराव किया. जिसके बाद पुलिस के वरिष्ठ अधिकारियों ने मामले में दखल देते हुए फौरी तौर पर संबंधित पुलिसकर्मी को निलंबित कर दिया. निलंबन के बाद पुलिसकर्मी ने बयान जारी करते हुए कहा कि नमाजियों ने उसकी बात नहीं सुनी. जिसकी वजह से उसको बदसुलूकी करनी पड़ी.
वायरल वीडियो में देखा जा सकता है कि मुस्लिम समाज सजदा कर रहा है. दरअसल मुस्लिम धर्म में घुटनों के बल बैठकर प्रार्थना करने की क्रिया को सजदा कहा जाता है. जब भी कोई मुसलमान झुककर प्रार्थना करता है तो उसे सजदा कहा जाता है. इस घटना को लेकर इंडिया डेली लाइव ने इस्लामिक मामलों के जानकार और लखनऊ के सीनियर जर्नलिस्ट मोहम्मद इरफान से बात की.
उन्होंने कहा कि "जब नमाज़ पड़ने के लिए नीयत बांधते हैं तो उसके बाद हम अल्लाह के साथ जुड़ते हैं. इसका मतलब यह हुआ कि वो इस हालत में किसी से बात नहीं कर सकते है. नमाजी का पूरा ध्यान केवल नमाज पर होता है. इस दौरान उसके सामने कुछ भी हो रहा हो वो अपनी नीयत बीच में नहीं तोड़ता है. नमाज पूरा होने के बाद आप बात कर सकते हैं. ऐसे में सड़क पर नमाज पढ़ना बहुत मुनासिब नहीं है लेकिन अगर कोई पढ़ रहा है तो उसको लात मारकर भी भगाना गलत है. उस दौरान पुलिसकर्मी को नमाजियों के सलाम का इंतजार करना चाहिए था. जिससे इस मामले को रफा-दफा किया जा सकता था."