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India Daily

'BJP बिन दूल्हे की बारात', पीएम मोदी पर AAP सांसद संजय सिंह का पलटवार

आम आदमी पार्टी के प्रमुख अरविंद केजरीवाल ने रविवार को कहा कि अगर उनकी पार्टी ने पार्टी नेताओं के खिलाफ कथित "अत्याचारों" पर केंद्र के साथ सहयोग नहीं किया होता तो इन परियोजनाओं का उद्घाटन नहीं किया गया होता

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Edited By: Mayank Tiwari
'BJP बिन दूल्हे की बारात', पीएम मोदी पर AAP सांसद संजय सिंह का पलटवार
Courtesy: Social Media

Delhi Assembly Election 2025: आम आदमी पार्टी (AAP) के सांसद संजय सिंह ने रविवार को प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी पर जमकर हमला बोला, जब भाजपा ने दिल्ली विधानसभा चुनाव से पहले मुख्यमंत्री के चेहरे का ऐलान नहीं किया. संजय सिंह ने इसे मोदी की ‘बिना दूल्हे के बारात’ जैसी स्थिति बताया. मोदी के उस बयान के जवाब में, जिसमें उन्होंने दिल्लीवासियों से AAP सरकार को सत्ता से बाहर करने की अपील की थी. संजय सिंह ने कहा कि प्रधानमंत्री का बयान कोई असर नहीं डालेगा क्योंकि दिल्ली को अरविंद केजरीवाल पर गर्व है.

न्यूज एजेंसी ANI से बातचीत में संजय सिंह ने कहा, "पीएम मोदी जो भी कहें, उसका दिल्ली पर कोई असर नहीं पड़ेगा. दिल्ली को अरविंद केजरीवाल और उनके काम पर गर्व है. उन्होंने गरीबों के लिए जो काम किया है, वही दिल्लीवासी देख रहे हैं. मोदी सरकार गरीबों के खिलाफ है और वह उनके घरों को तोड़ने का काम कर रही है." उन्होंने आगे कहा, "बीजेपी बिना दूल्हे के बारात लेकर निकली है, उनकी हार तय है, चुनाव से पहले ही बीजेपी को बुरी तरह हार का सामना करना पड़ेगा.

पीएम मोदी का दिल्लीवासियों से अपील

प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने रविवार को दिल्ली विधानसभा चुनाव से पहले दिल्लीवासियों से अपील की थी कि वे AAP सरकार को सत्ता से बाहर करें और बीजेपी को मौका दें. मोदी ने दिल्ली के विकास कार्यों का श्रेय केंद्रीय बीजेपी सरकार को दिया और कहा, "दिल्ली को विकसीत भारत की राजधानी बनाना है, और इसमें बीजेपी ही सक्षम है। पिछले 10 सालों में दिल्ली को जो सरकार मिली है, वह 'AAP-da' (आपदा) के समान है. अब दिल्ली में केवल यही सुना जा सकता है, 'AAP-da नहीं सहेंगे, बदल के रहेंगे.

अरविंद केजरीवाल का पलटवार

प्रधानमंत्री मोदी द्वारा दिल्ली विधानसभा चुनाव से पहले AAP सरकार पर किए गए हमले पर प्रतिक्रिया देते हुए, AAP प्रमुख अरविंद केजरीवाल ने कहा कि इन विकास परियोजनाओं का उद्घाटन तभी संभव हो सका है, जब उनकी पार्टी ने केंद्र सरकार से सहयोग किया, हालांकि उनके नेताओं के खिलाफ कथित "अत्याचार" के बावजूद केजरीवाल ने यह भी कहा कि अगर उनकी पार्टी केंद्र से सहयोग नहीं करती, तो इन परियोजनाओं का उद्घाटन नहीं होता.