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Delhi AQI: दिल्ली एक बार फिर से बनी गैस चैंबर, ठंड और जहरीली हवा के कॉकटेल से ‘आपातकाल’ जैसे हालात

दिल्ली में प्रदूषण की स्थिति दिन-ब-दिन गंभीर होती जा रही है. इस स्थिति को देखते हुए अधिकारियों ने GRAP स्टेज 4 को फिर से लागू किया है. प्रदूषण की इस स्थिति से बचने के लिए नागरिकों को घर के अंदर रहने, मास्क पहनने और बाहर के काम से बचने की सलाह दी जा रही है.

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Edited By: Babli Rautela
Delhi AQI: दिल्ली एक बार फिर से बनी गैस चैंबर, ठंड और जहरीली हवा के कॉकटेल से ‘आपातकाल’ जैसे हालात
Courtesy: Social Media

Delhi AQI: दिल्ली में बुधवार, 18 दिसंबर 2024 को एक बार फिर जहरीली हवा का दौर देखने को मिला है. सुबह करीब 7 बजे दिल्ली का वायु गुणवत्ता सूचकांक (AQI) 440 से ऊपर था, जो 'गंभीर' कैटेगरी में आता है. इस बढ़े हुए प्रदूषण को देखते हुए ग्रेडेड रिस्पांस एक्शन प्लान (GRAP) के तहत प्रदूषण-रोधी प्रतिबंधों के चरण 4 को लागू किया गया है.

बुधवार की सुबह 7 बजे कुल AQI 442 था, और कुछ निगरानी स्टेशनों पर तो यह 'गंभीर-प्लस' कैटेगरी में था, जो 450 से ऊपर के AQI को दर्शाता है. दिल्ली के कुछ प्रमुख इलाकों में प्रदूषण स्तर बेहद खराब था, जैसे:

  • नेहरू नगर: 480 AQI
  • अलीपुर: 471 AQI
  • आनंद विहार: 481 AQI
  • CRRI मथुरा रोड: 468 AQI
  • जहांगीरपुरी: 468 AQI
  • रोहिणी: 466 AQI

प्रदूषण का असर और GRAP के तहत रोक

दिल्ली में प्रदूषण की स्थिति को देखते हुए, अधिकारियों ने GRAP चरण 4 को फिर से लागू किया, जिसमें निर्माण कार्यों और ट्रकों की एंट्री पर रोक शामिल है. इसके अलावा, हवा की गति में कमी के कारण स्थानीय प्रदूषण बढ़ गया, जिससे प्रदूषण की स्थिति और भी गंभीर हो गई.

  • निर्माण कार्यों पर रोक: सभी निर्माण और विध्वंस गतिविधियों पर रोक.
  • ट्रकों का प्रवेश: गैर-आवश्यक वस्तुएं लेकर आने वाले डीजल ट्रकों के दिल्ली में प्रवेश पर रोक.
  • कार्यालयों की उपस्थिति: सार्वजनिक और निजी कार्यालयों में केवल 50% कर्मचारियों को काम करने की अनुमति दी गई, जबकि बाकी घर से काम करेंगे.
  • ऑड-ईवन वाहन पर रोक: ज्यादा प्रदूषण होने पर वाहन रोक जैसे उपायों पर विचार किया जा सकता है.

प्रदूषण के कारण

प्रदूषण के बढ़ने के कई कारण हैं, जिनमें प्रमुख हैं,

  • कम हवा की गति: हवा की गति में गिरावट के कारण प्रदूषक तत्व वायुमंडल में जमा हो जाते हैं.
  • सर्दियों में तापमान का गिरना: सर्दी के मौसम में प्रदूषण और अधिक गहरा हो जाता है.
  • पराली जलाना और पटाखे: आसपास के क्षेत्रों में पराली जलाना और पटाखे फोड़ने से प्रदूषण में और वृद्धि होती है.
  • वाहनों से उत्सर्जन: दिल्ली में वाहनों से निकलने वाले धुएं की मात्रा भी प्रदूषण बढ़ाने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाती है.

डॉक्टरों की चेतावनी

डॉक्टरों का कहना है कि दिल्ली में इस प्रकार की प्रदूषित हवा में सांस लेना एक गंभीर स्वास्थ्य खतरा हो सकता है. एक्सपर्ट ने चेतावनी दी है कि इस तरह की हवा में सांस लेना एक दिन में लगभग 10 सिगरेट पीने के बराबर है. खासतौर पर अस्थमा और अन्य सांस संबंधी बीमारियों से पीड़ित व्यक्तियों के लिए यह स्थिति और भी गंभीर हो सकती है.

वायु गुणवत्ता सूचकांक (AQI) की अलग अलग श्रेणियाँ निम्नलिखित हैं:

  • 0-50: अच्छा
  • 51-100: संतोषजनक
  • 101-200: मध्यम
  • 201-300: खराब
  • 301-400: बहुत खराब
  • 401-450: गंभीर
  • 450 से ऊपर: गंभीर प्लस

दिल्ली का AQI इस समय 'गंभीर' श्रेणी में है, जो शहर की वायु गुणवत्ता को अत्यधिक खतरनाक दर्शाता है.

GRAP के तहत लागू किए गए रोक

दिल्ली में प्रदूषण को कंट्रोल करने के लिए GRAP (ग्रेडेड रिस्पांस एक्शन प्लान) के तहत अलग अलग चरणों में रोक लागू किए जाते हैं. सर्दियों में, जब प्रदूषण का स्तर अधिक होता है, तो चरण 4 (गंभीर प्लस) लागू किया जाता है. इस चरण में सबसे कठोर प्रतिबंध होते हैं, जिनका उद्देश्य प्रदूषण को तत्काल कम करना है.

  • चरण I: AQI 201-300 (खराब)
  • चरण II: AQI 301-400 (बहुत खराब)
  • चरण III: AQI 401-450 (गंभीर)
  • चरण IV: AQI 450 से ऊपर (गंभीर प्लस)