ताज की सुरंदरता धूमिल होती जा रही है. पिछले हफ्ते आगरा में हुई भारी बारिश के कारण दीवारें, फर्श और कुछ अन्य हिस्सों को क्षति पहुंची है. ताज परिसर के वीडिया सामने आए हैं उसमें दीवरों और फर्श में कई दरारें दिख रही हैं. टूरिस्ट गाइड फ़ेडरेशन ऑफ इंडिया के राष्ट्रीय महासचिव शकील चौहान ने कहा कि मुख्य गुंबद के चारों ओर के दरवाज़ों पर अरबी में कुरान की आयतें लिखी हुई हैं, जिनके अक्षर घिस गए हैं.
दीवारों में पिएट्रा ड्यूरा की जटिल तकनीक से जड़े गए अर्ध-कीमती पत्थर भी समय की मार से जूझ रहे हैं. पश्चिमी दिशा में शाही मस्जिद के सामने फर्श से पत्थर उखड़ गए हैं. मुख्य मकबरे के कुछ हिस्सों और प्रतिष्ठित गुंबद की दीवारों पर नुकसान देखा जा सकता है. टूरिस्ट गाइड वेलफेयर एसोसिएशन के अध्यक्ष दीपक दान ने कहा कि एएसआई (भारतीय पुरातत्व सर्वेक्षण) ने ऐसा कौन सा अध्ययन किया है, जो यह दावा करता है कि स्मारक में कोई संरचनात्मक समस्या नहीं है? ताजमहल एक विश्व-प्रशंसित स्मारक है और कोई भी नकारात्मक प्रचार तेजी से फैलता है, जिससे संभावित पर्यटक स्थल के रूप में देश की छवि को नुकसान पहुंचता है.
हालांकि, एएसआई ने दावा किया कि यूनेस्को विश्व धरोहर स्थल के संबंध में कोई गंभीर संरचनात्मक समस्या नहीं है. ताजमहल के रखरखाव के लिए ढिलाई, भ्रष्टाचार और धन के कुप्रबंधन के आरोपों को संबोधित करते हुए, एएसआई ने कहा, ताजमहल के रखरखाव पर खर्च किए गए धन का समय-समय पर ऑडिट किया जाता है. अब तक, इन ऑडिट में कोई चिंता नहीं जताई गई है.
अधीक्षण पुरातत्वविद् राजकुमार पटेल ने कहा, संरक्षण कार्य एक नियमित प्रक्रिया है. टूट-फूट का आकलन अक्सर किया जाता है. स्मारक को सर्वोत्तम संभव तरीके से संरक्षित करने के लिए वैज्ञानिक प्रोटोकॉल का पालन करते हुए आवश्यक रखरखाव और मरम्मत कार्य किए जाते हैं.
हाथीदांत-सफेद संगमरमर की संरचना से बारिश का पानी रिस रहा था, जिसकी बूंदें नीचे मुगल सम्राट शाहजहा और उनकी पत्नी मुमताज महल की कब्रों तक पहुंच रही थीं. शुक्रवार को सोशल मीडिया पर पोस्ट किए गए एक बयान में, ASI ने कहा कि लगातार भारी बारिश के कारण, पानी की कुछ बूंदें देखी गईं, जिन्हें ठीक किया जा रहा है. कोई गंभीर संरचनात्मक समस्या नहीं है. ताज के मुख्य गुंबद की संगमरमर की दीवार पर उगने वाले पौधे को बाद में हटा दिया गया.