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भ्रष्टाचारी-बागी का टैग, दूसरी बार बनेंगे CM; कौन हैं सिक्किम में SKM की वापसी कराने वाले प्रेम सिंह तमांग?

Who Is Prem Singh Tamang: प्रेम सिंह तमांग लगातार दूसरी बार सिक्किम के मुख्यमंत्री बनने जा रहे हैं. उनकी पार्टी एसकेएम ने विधानसभा चुनावों में प्रचंड जीत हासिल की है.

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भ्रष्टाचारी-बागी का टैग, दूसरी बार बनेंगे CM; कौन हैं सिक्किम में SKM की वापसी कराने वाले प्रेम सिंह तमांग?
Courtesy: Social Media

Who Is Prem Singh Tamang: साल 2016 में खबर आती है कि 17 साल पुराने एक मामले में सिक्किम के एक नेता को दोषी ठहराया गया है और उनकी विधानसभा से उनकी सदस्यता खत्म कर दी गई थी. ये नेता कोई और प्रेम सिंह तमांग हैं, जो दूसरी बार सिक्किम के मुख्यमंत्री की पद की शपथ लेने जा रहे हैं. तमांग, सिक्किम के पहले ऐसे नेता थे, जिन्हें भष्टाचार के आरोप में दोषी ठहराए जाने के बाद उनकी विधानसभा की सदस्यता रद्द हुई थी.. तमांग पर 1994 से लेकर 1999 के बीच सरकारी धन के हेरफेर का आरोप लगा था.  

विधानसभा की सदस्यता खत्म होने के बावजूद तमांग ने हार नहीं मानी और निचली अदालत के फैसले के खिलाफ हाई कोर्ट में याचिका दाखिल की. मामले में नया मोड उस वक्त आया, जब हाई कोर्ट ने भी निचली अदालत के फैसले को बरकरार रखा. इसके बाद तमांग ने सरेंडर किया और करीब 2 साल बाद वे जेल से बाहर आए. 

SDF से बगावत कर बनाई थी SKM पार्टी

भ्रष्टाचार के मामले में दोषी साबित होने और विधानसभा की सदस्यता गंवाने से पहले भी तमांग उस वक्त चर्चा में आए थे, जब उन्होंने अपनी पार्टी से बगावत कर नए दल का गठन किया था. ये साल 2013 की बात है. तब उन्होंने चामलिंग की अगुवाई वाले एसडीएफ से बगावत कर दिया था. वे एसडीएफ के संस्थापकों में से एक थे. उन्होंने पूर्व मुख्यमंत्री से नाराज होकर एसकेएम यानी सिक्किम क्रांतिकारी मोर्चा बनाया था. उन्होंने इस कदम को उठाने से पहले एसडीएफ पर करप्शन और कुशासन का आरोप लगाया था. 

नई पार्टी के गठन के एक साल बाद विधानसभा में जीती 10 सीटें

तमांग की नई पार्टी एसकेएम बनाने के एक साल बाद यानी 2014 में सिक्किम में विधानसभा चुनाव हुए. इस चुनाव में तमांग की नई पार्टी ने 32 में से 10 सीटें जीत ली. पांच साल बाद जब 2019 में राज्य में विधानसभा चुनाव कराए गए, तब तमांग की पार्टी ने 32 में से 17 सीटें हासिल कर ली और राज्य में 2 दशक से अधिक समय से काबिज चामलिंग सरकार को उखाड़ फेंका. 

अब 12 साल बाद 2024 में जब राज्य में विधानसभा चुनाव हुए हैं, तब तमांग की पार्टी राज्य की 32 में से 31 सीटों पर फतह करती दिख रही है. कुल 32 विधानसभा सीटों में से 31 पर SKM के प्रत्याशियों ने बढ़त बनाई हुई है और एक मात्र सीट पर SDF प्रत्याशी आगे हैं. देश की दोनों राष्ट्रीय पार्टियां भाजपा और कांग्रेस राज्य में खाता भी नहीं खोल पाई हैं. 

दो सीटों से चुनावी मैदान में हैं तमांग

मुख्यमंत्री तमांग सिक्किम की रेनॉक और सोरेंग-चाकुंग विधानसभा क्षेत्रों से चुनावी मैदान में हैं. वे दोनों सीटों से जीत दर्ज करते दिख रहे हैं. तमांग की पत्नी कृष्णा कुमारी राय भी राज्य कीक नामची-सिंघीथांग विधानसभा सीट से चुनावी समर में हैं. आइए अब जान लेते हैं कि आखिर प्रेम सिंह तमांग कौन हैं?

5 जनवरी 1968 को जन्मे प्रेम सिंह तमांग ने दार्जिलिंग से ग्रेजुएशन किया है. इसके बाद उन्होंने सरकार टीचर के रूप में काम किया. सब ठीक चल रहा था, लेकिन अचानक सरकारी जॉब ज्वाइन करने के 3 साल बाद उन्होंने राजनीति में आने का फैसला किया और एसडीएफ में आ गए. धीरे-धीरे उन्होंने राजनीतिक का ककहरा सीखना शुरू किया और 1994 में पहली बार विधानसभा चुनाव लड़े. पहली बार में ही उन्हें जीत हासिल हुई और 1994 से अगले पांच बार वे विधायक चुने गए. वे चामलिंग सरकार में मंत्री भी बनाए गए.

SDF सरकार के चौथे कार्यकाल में हुई तनातनी

राजनीति के जानकारों के मुताबिक, 2009 में हुए विधानसभा में एसडीएफ ने एक बार फिर जीत हासिल की और पार्टी की लगातार चौथी बार सरकार बनी. मुख्यमंत्री चामलिंग के नेतृत्व में बनी नई सरकार में इस बार तमांग को मौका नहीं मिला, जिसके बाद वे नाराज हो गए. 2014 में होने वाले विधानसभा चुनाव के एक साल पहले खुद को SDF से अलग कर लिया और नई पार्टी बना ली.