'मुझे नयनतारा चाहिए', AIADMK सांसद के बिगड़े बोल; तमिलनाडु में मचा राजनीतिक घमासान
तमिलनाडु में अन्नाद्रमुक सांसद सी. वी. षणमुगम के अभिनेत्री नयनतारा पर दिए विवादित बयान से सियासी उबाल आ गया है. कांग्रेस सहित विभिन्न दलों ने इसे महिलाओं का अपमान बताते हुए सांसद से सार्वजनिक माफी की मांग की है.
नई दिल्ली: तमिलनाडु की राजनीति में एक बार फिर महिलाओं के प्रति संवेदनहीन टिप्पणी को लेकर विवाद गहरा गया है. अन्नाद्रमुक के वरिष्ठ नेता और राज्यसभा सांसद सी. वी. षणमुगम ने एक विरोध प्रदर्शन के दौरान अभिनेत्री नयनतारा को लेकर जो शब्द कहे, उसने विपक्षी दलों और नागरिक समाज को आक्रोशित कर दिया है. जहां एक तरफ राज्य में बढ़ते अपराधों पर चिंता जताई जा रही थी, वहीं सांसद के इस व्यवहार ने उनकी अपनी ही पार्टी को ही कठघरे में खड़ा कर दिया है.
दरअसल, सांसद षणमुगम अपने पैतृक जिले में महिलाओं और बच्चों के खिलाफ बढ़ते अपराधों के विरोध में प्रदर्शन का नेतृत्व कर रहे थे. इसी दौरान उन्होंने द्रमुक के 'हमें अपना सपना बताएं' कार्यक्रम पर कटाक्ष करते हुए अचानक कह दिया कि उन्हें नयनतारा चाहिए. उन्होंने सवाल किया कि क्या मुख्यमंत्री उनकी यह इच्छा पूरी करेंगे. सांसद ने यहां तक कह दिया कि क्या मुख्यमंत्री नयनतारा से शादी करने के किसी के सपने को पूरा करेंगे?
नेताओं में भारी रोष
इस टिप्पणी के सार्वजनिक होते ही तमिलनाडु कांग्रेस समिति (टीएनसीसी) के अध्यक्ष के. सेल्वापेरुन्थागाई सहित कई बड़े नेताओं ने कड़ी प्रतिक्रिया दी है. उन्होंने षणमुगम पर अभिनेत्रियों को नीचा दिखाने और महिला गरिमा को ठेस पहुंचाने का आरोप लगाया. टीएनसीसी महिला मोर्चा ने सांसद के खिलाफ राज्यव्यापी प्रदर्शन और काले झंडे दिखाने की चेतावनी दी है.
कड़ी कार्रवाई की मांग
कांग्रेस सांसद जोतिमणि ने इस मामले को गंभीरता से लेते हुए षणमुगम के खिलाफ आपराधिक मामला दर्ज करने की मांग की है. विभिन्न राजनीतिक दलों ने अन्नाद्रमुक नेतृत्व से भी आग्रह किया है कि वे सांसद के खिलाफ कड़ी कार्रवाई करें और उन्हें पार्टी से निष्कासित करें. तमिलनाडु नडिगर संगम (कलाकार संघ) और फिल्मी कलाकारों ने भी इन टिप्पणियों की कड़ी निंदा की है.
अन्नाद्रमुक का आधिकारिक रुख
अन्नाद्रमुक ने अब तक इस पर कोई आधिकारिक प्रतिक्रिया नहीं दी है, लेकिन पार्टी प्रवक्ता ने निजी तौर पर संगठन को इस बयान से अलग कर लिया है. प्रवक्ता का कहना है कि ऐसी टिप्पणियों का बचाव करना उनकी भूमिका नहीं है. पार्टी के भीतर भी इस मुद्दे पर असहजता देखी जा रही है.
विवादों से पुराना नाता
सी. वी. षणमुगम के लिए यह पहली बार नहीं है जब वे महिलाओं पर अपमानजनक टिप्पणी कर विवादों में घिरे हों. पिछले साल उन्होंने मुख्यमंत्री के चुनावी वादों पर तंज कसते हुए 'एक मुफ्त पत्नी' देने की बात कही थी, जिससे काफी आक्रोश पैदा हुआ था. उनके बयानों का यह पैटर्न सार्वजनिक रूप से महिलाओं को वस्तु के रूप में देखने की मानसिकता को दर्शाता है.
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