नई दिल्ली: कांग्रेस सांसद इमरान मसूद ने एक नया विवाद खड़ा कर दिया है. बता दें कि दिल्ली के लाल किले के पास पिछले हफ्ते कार बम धमाका हुआ था. इसके पीछे जिस व्यक्ति का हाथ था यानी डॉ. उमर उन नबी, उसे मसूद ने एक गुमराह युवक बताया है. इससे विवाद का माहौल बन गया है. इस धमाके में करीब 14 लोगों की मौत हो गई थी. उनकी इस टिप्पणी पर राजनीतिक दलों और आम जनता की तरफ से काफी कीखी टिप्पणियां आ रही हैं.
मसूद ने डॉ. उमर के वीडियो पर रिस्पॉन्स दिया था. इस वीडियो में डॉ. उमर आत्मघाती हमलों को जायज ठहराने की कोशिश कर रहा था. मसूद ने कहा कि वह डॉक्टर की बात से पूरी तरह असहमत हैं. साथ ही उन्होंने स्पष्ट किया है कि इस्लाम किसी भी स्थिति में निर्दोष लोगों की हत्या की इजाजत नहीं देता है.
मसूद ने कहा, "मैं वीडियो से सहमत नहीं हूं. कहा जा रहा है कि उन्होंने आत्मघाती हमले का समर्थन किया था. इस्लाम कभी भी ऐसे कृत्यों की इजाजत नहीं देता. निर्दोष लोगों की जान लेना सख्त मना है." सिर्फ इतना ही नहीं, मसूद ने यह भी कहा कि डॉ. उमर जैसे लोग गुमराह हैं और इस्लाम की सच्ची शिक्षाओं का प्रतिनिधित्व नहीं करते हैं.
डॉ. उमर का एक नया वीडियो भी सामने आया है, जिसमें वह बेहद ही फ्लूएंट इंग्लिश बोलते नजर आ रहे हैं. उन्होंने दावा किया कि आत्मघाती बम विस्फोट एक शहादत अभियान है. उनके बयानों से यह बात साफ होती है कि उनकी मानसिकता कितनी कट्टर हो चुकी है.
बीजेपी नेताओं ने इमरान मसूद की टिप्पणियों पर उन पर तीखा हमला बोला. पार्टी प्रवक्ता शहजाद पूनावाला ने कहा कि मसूद ऐसे काम कर रहे हैं जैसे वो आतंकवाद का प्रचार कर रहे हों. सिर्फ यही नहीं, पूनावाला ने कांग्रेस नेताओं पर आरोप लगाते हुए कहा है कि तुष्टिकरण की राजनीति के नाम पर हमेशा चरमपंथियों का बचाव करते आए हैं.
इसके अलावा उत्तर प्रदेश के पूर्व मंत्री और बीजेपी नेता मोहसिन रजा ने भी कांग्रेस की आलोचना करते हुए कहा कि पार्टी ने अतीत में कई शिक्षित युवाओं को गुमराह करने का काम किया है. इनके बहकावे में आकर कुछ आखिरकार कट्टरपंथी समूहों में शामिल हो गए.