IPL 2026 West Bengal Assembly Election 2026

'बदले की राजनीति...', राहुल, सोनिया गांधी पर नई FIR के बाद केंद्र पर भड़की कांग्रेस

कांग्रेस ने सोनिया गांधी और राहुल गांधी पर दर्ज नई एफआईआर को बदले की राजनीति बताते हुए केंद्र सरकार पर एजेंसियों के दुरुपयोग का आरोप लगाया है.

@IAbhi_s x account
Km Jaya

नई दिल्ली: कांग्रेस ने केंद्र सरकार पर कड़ा हमला करते हुए नई एफआईआर को बदले की राजनीति बताया है. नेशनल हेराल्ड मामले में सोनिया गांधी, राहुल गांधी और कई अन्य नेताओं के खिलाफ दर्ज हुई ताजा एफआईआर को विपक्ष ने एक सुनियोजित साजिश और डराने की कोशिश बताया है. कांग्रेस का कहना है कि आगामी चुनावों से पहले सरकारी एजेंसियों का दुरुपयोग कर विपक्ष को कमजोर करने की कोशिश की जा रही है. 

रविवार को कांग्रेस ने कहा कि यह कदम पूरी तरह राजनीतिक प्रतिशोध का उदाहरण है और इससे लोकतांत्रिक माहौल को नुकसान पहुंच रहा है. कांग्रेस जनरल सेक्रेटरी जयराम रमेश ने X पर कहा, 'मोदी-शाह की जोड़ी INC के टॉप लीडरशिप के खिलाफ परेशान करने, डराने और बदले की अपनी शरारती पॉलिटिक्स जारी रखे हुए है. जो लोग धमकी देते हैं, वे खुद असुरक्षित और डरे हुए हैं. नेशनल हेराल्ड मामला पूरी तरह से फर्जी है. आखिरकार न्याय की जीत होगी. सत्यमेव जयते.'

अभिषेक मनु सिंघवी ने क्या कहा?

कांग्रेस के सीनियर लीडर अभिषेक मनु सिंघवी ने कहा कि FIR 'न तो नई वाइन है, न बोतल नई और न ही नया गिलास', उन्होंने इसे 'एक ऐसा अजूबा बताया जिसमें न पैसा इधर-उधर हुआ, न कोई अचल प्रॉपर्टी ट्रांसफर हुई, फिर भी मनी लॉन्ड्रिंग का आविष्कार हो गया.'

दिल्ली पुलिस ने कब दर्ज की FIR?

दिल्ली पुलिस की इकोनॉमिक ऑफेंस विंग ने यह एफआईआर तीन अक्टूबर को दर्ज की है. यह शिकायत प्रवर्तन निदेशालय की रिपोर्ट पर आधारित है, जो राष्ट्रीय हेराल्ड से जुड़ी कथित मनी लॉन्ड्रिंग की जांच कर रहा है. एफआईआर में आईपीसी की कई धाराएं लगाई गई हैं, जिनमें आपराधिक षड्यंत्र, संपत्ति का दुरुपयोग, आपराधिक भरोसा भंग और धोखाधड़ी शामिल हैं. FIR में सोनिया गांधी, राहुल गांधी, कांग्रेस लीडर सुमन दुबे और सैम पित्रोदा, यंग इंडियन (YI), डोटेक्स मर्चेंडाइज लिमिटेड, डोटेक्स प्रमोटर सुनील भंडारी, और एसोसिएटेड जर्नल्स लिमिटेड (AJL) जैसी कंपनियों के साथ-साथ दूसरी अनजान पार्टियों के नाम हैं. 

ईडी ने क्या लगाया आरोप?

ईडी का आरोप है कि यंग इंडियन, जिसमें सोनिया और राहुल गांधी की मेजोरिटी हिस्सेदारी है, ने AJL की 2,000 करोड़ रुपये से ज्यादा की प्रॉपर्टीज सिर्फ 50 लाख रुपये में खरीदीं, और इस प्रोसेस में 'फर्जी किराए' और 'नकली विज्ञापन' दिए. एजेंसी का दावा है कि सोनिया गांधी ने पर्सनल फायदे के लिए कांग्रेस की पूर्व प्रेसिडेंट के तौर पर अपने पद का 'गलत इस्तेमाल' किया.

ईडी ने कहा कि कांग्रेस नेतृत्व ने अपनी स्थिति का दुरुपयोग किया और इस लेनदेन को छिपाने की कोशिश की. यह मामला 2014 में भाजपा नेता सुब्रमण्यम स्वामी की शिकायत से शुरू हुआ था. कांग्रेस का कहना है कि यह पूरी तरह राजनीति से प्रेरित अभियान है और पार्टी अपने नेताओं के साथ खड़ी है.