menu-icon
India Daily

'बाबरी के जर्जर ढांचे की तरह हो चुकी है कांग्रेस...', हरियाणा में गरजे योगी आदित्यनाथ

योगी आदित्यनाथ ने कहा कि कांग्रेस ने देश पर लंबे समय तक राज किया लेकिन उन्होंने देश के एक भी एयरपोर्ट का नाम महर्षि वाल्मीकि, संत रविदार और बाबा साहब अंबेडकर के नाम पर नहीं रखा. उन्होंने केवल अपने परिवार के नाम पर इनके नाम रखे.

India Daily Live
'बाबरी के जर्जर ढांचे की तरह हो चुकी है कांग्रेस...', हरियाणा में गरजे योगी आदित्यनाथ
Courtesy: social media

Haryana News: उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने रविवार को चुनावी राज्य हरियाणा में हुंकार भरी और कांग्रेस पर जमकर हमला बोला. बीजेपी नेता ने कहा कि इस सबसे पुरानी पार्टी का ढांचा अयोध्या में बाबरी की तरह जर्जर हो गया है.

बाबरी के जर्जर ढांचे की तरह हो चुकी है कांग्रेस

चुनावी रैलियों को संबोधित करते हुए सीएम योगी ने कहा, 'आज कांग्रेस का ढांचा ऐसा ही जर्जर हो गया है जैसे कभी बाबरी का हुआ करता था... जब राम के भक्तों ने इस नारे को बुलंद किया था 'एक धक्का और दो, बाबरी को तोड़ दो. बाबरी का ढांचा हमेशा के लिए ढहा दिया गया था, जिसके बाद  राम मंदिर बनाने का मार्ग प्रशस्त हुआ.''

राहुल ने सिखों को गाली दी, भारत का अपमान किया
जनता से एकजुट होने की अपील दोहराते हुए सीएम योगी ने कहा, 'और मैं आपसे यह अपील करने आया हूं कि वे जाति की राजनीति कर आपको बांटना चाहते हैं. मैंने आपसे कहा था, क्या मैंने नहीं कहा था कि 'बटोगे तो कटोगे, एक रहोगे तो नेक रहोगे. कोई माई  का लाल आपका बाल बांका नहीं कर पाएगा.''

ननकाना साहिब कॉरिडोर की राह में रोड़ा बनी कांग्रेस

कांग्रेस पर ननकाना साहिब कॉरिडोर के निर्माण में रोड़ा अटकाने का आरोप लगाते हुए सीएम योगी ने सिखों को लेकर अमेरिका में दिए भाषण को लेकर राहुल गांधी पर निशाना साधा. उन्होंने कहा, 'राहुल गांधी विदेश में क्या कह रहे थे, उन्होंने सिखों को गाली दी. भारत का अपमान किया, जब राहुल विदेश जाते हैं तो वे भारत की संवैधानिक संस्थाओं पर सवाल उठाते हैं और देश की आस्था पर हमला बोलते हैं.'

उन्होंने आरोप लगाया कि आजादी के बाद उन्होंने अपने राजनीतिक हितों को साधने के लिए समाज को आपस में लड़ाने का काम किया है. बीजेपी नेता ने कहा कि कांग्रेस ने देश पर लंबे समय तक राज किया लेकिन उन्होंने देश के एक भी एयरपोर्ट का नाम महर्षि वाल्मीकि, संत रविदार और बाबा साहब अंबेडकर के नाम पर नहीं रखा. उन्होंने केवल अपने परिवार के नाम पर इनके नाम रखे.