'यह छात्रों की जीत है...', शिक्षा मंत्री के इस्तीफे के बाद CJP ने अपने सोशल मीडिया पर किया पोस्ट
CJP ने अपने सोशल मीडिया पर पोस्ट करते हुए बताया कि शिक्षा मंत्री धर्मेंद्र प्रधान ने इस्तीफा दे दिया है.यह छात्रों की जीत है.
नई दिल्ली: केंद्रीय शिक्षा मंत्री धर्मेंद्र प्रधान के इस्तीफे के बाद कॉकरोच जनता पार्टी के संस्थापक अभिजीत दीपके ने पहली प्रतिक्रिया देते हुए इसे जनआंदोलन की बड़ी सफलता बताया. उन्होंने कहा कि यह इस्तीफा इस बात का प्रमाण है कि लोकतंत्र में जनता की आवाज सबसे बड़ी होती है और यदि लोग अपने अधिकारों के लिए डटे रहें तो सरकार को भी फैसला बदलना पड़ता है.
अभिजीत दीपके ने कहा कि धर्मेंद्र प्रधान का इस्तीफा स्वागत योग्य कदम है, लेकिन आंदोलन अभी समाप्त नहीं हुआ है. उन्होंने कहा कि उनकी पार्टी की दो प्रमुख मांगें अभी भी पूरी नहीं हुई हैं. पहली मांग आत्महत्या करने वाले छात्रों के परिवारों को एक करोड़ रुपये का मुआवजा देने की है. दूसरी मांग 20 तारीख को प्रदर्शन के दौरान कथित रूप से अनुचित कार्रवाई करने वाले पुलिसकर्मियों के खिलाफ सख्त कार्रवाई करने की है.
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उन्होंने आगे क्या कहा?
उन्होंने कहा कि जब तक सरकार इन दोनों मांगों को लिखित रूप में स्वीकार नहीं करती, तब तक आंदोलन जारी रहेगा. उन्होंने समर्थकों से बिना डरे लोकतांत्रिक तरीके से अपनी बात रखने की अपील की और कहा कि जनता की एकजुटता से ही यह परिणाम संभव हुआ है.
मुख्य प्रवक्ता सौरभ दास ने क्या बताया?
उधर, कॉकरोच जनता पार्टी के मुख्य प्रवक्ता सौरभ दास ने बताया कि सरकार ने अगले दौर की बातचीत के लिए दोपहर साढ़े तीन बजे बुलाया है. उन्होंने कहा कि पार्टी केवल मौखिक आश्वासन से संतुष्ट नहीं होगी और सभी मांगों को लिखित रूप में स्वीकार किए जाने तक आंदोलन जारी रहेगा. उन्होंने इसे आंदोलन की बड़ी जीत बताया.
इस्तीफे में धर्मेंद्र प्रधान ने क्या कहा?
इस बीच धर्मेंद्र प्रधान ने शनिवार को प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी को अपना इस्तीफा सौंप दिया. अपने इस्तीफे में उन्होंने कहा कि वह चार दशकों से अधिक समय से छात्रों, शिक्षकों और शिक्षा सुधार के लिए समर्पित रहे हैं. उनका मानना है कि मजबूत, समावेशी और भविष्य उन्मुख शिक्षा व्यवस्था ही सशक्त भारत की नींव है.
उन्होंने अपने पत्र में लिखा कि देश के युवाओं की आकांक्षाओं और उम्मीदों का वह हमेशा सम्मान करते रहे हैं. उन्होंने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के नेतृत्व में देश की सेवा करने का अवसर मिलने पर आभार भी व्यक्त किया.
धर्मेंद्र प्रधान के इस्तीफे के बाद अब सभी की नजर सरकार और आंदोलनकारियों के बीच होने वाली अगली वार्ता पर टिकी है. यह देखना महत्वपूर्ण होगा कि सरकार आंदोलनकारियों की शेष मांगों पर क्या फैसला लेती है और आगे की स्थिति किस दिशा में बढ़ती है.