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India Daily

दुष्यंत गौतम को सिक्किम का राज्यपाल बनाए जाने पर उत्तराखंड में सियासी घमासान, गोदियाल बोले- जनता के मुंह पर तमाचा

दुष्यंत गौतम को सिक्किम का राज्यपाल नियुक्त किए जाने पर उत्तराखंड कांग्रेस ने विरोध जताया. नेताओं ने अंकिता भंडारी हत्याकांड की सीबीआई जांच, कथित वीआईपी की पहचान और न्याय की मांग दोहराई.

Sagar
Edited By: Sagar Bhardwaj
Nasir Husain
Reported By: Nasir Husain
दुष्यंत गौतम को सिक्किम का राज्यपाल बनाए जाने पर उत्तराखंड में सियासी घमासान, गोदियाल बोले- जनता के मुंह पर तमाचा
Courtesy: X

अंकिता भंडारी हत्याकांड को लेकर उत्तराखंड की राजनीति में एक बार फिर विवाद तेज हो गया है. दुष्यंत गौतम को सिक्किम का राज्यपाल नियुक्त किए जाने के बाद कांग्रेस ने केंद्र और राज्य सरकार पर निशाना साधा है. प्रदेश कांग्रेस कमेटी की ओर से आयोजित प्रेस कॉन्फ्रेंस में नेताओं ने इस नियुक्ति पर सवाल उठाते हुए अंकिता को न्याय दिलाने की मांग दोहराई. कांग्रेस नेताओं ने इस फैसले को उत्तराखंड की अस्मिता और न्याय की लड़ाई से जोड़कर देखा.

प्रेस कॉन्फ्रेंस में प्रदेश कांग्रेस अध्यक्ष गणेश गोदियाल, पूर्व मुख्यमंत्री हरीश रावत, वरिष्ठ नेता प्रीतम सिंह, हरक सिंह रावत, पंखुड़ी पाठक और ज्योति रौतेला समेत कई नेता मौजूद रहे.

'उत्तराखंड की जनता के मुंह पर तमाचा'

प्रदेश कांग्रेस अध्यक्ष गणेश गोदियाल ने दुष्यंत गौतम की नियुक्ति पर नाराजगी जताते हुए कहा कि यह उत्तराखंड की जनता के मुंह पर तमाचे जैसा है. उन्होंने प्रदेश की महिलाओं से अंकिता को न्याय दिलाने की लड़ाई में आगे आने की अपील की. गोदियाल ने सरकार के खिलाफ आंदोलन तेज करने का आह्वान भी किया.

हरीश रावत ने उठाए सीबीआई जांच पर सवाल

पूर्व मुख्यमंत्री हरीश रावत ने कहा कि अंकिता ने अपने स्वाभिमान के लिए जान गंवाई और उसका बलिदान व्यर्थ नहीं जाने दिया जाएगा. उन्होंने दिल्ली में प्रदर्शन के दौरान अंकिता के माता-पिता को कथित तौर पर रात में जबरन हिरासत में लिए जाने की निंदा की.

रावत ने सीबीआई जांच की गति और पारदर्शिता पर भी सवाल उठाए. उनका कहना था कि जांच जारी होने की बात तो कही जा रही है, लेकिन यह स्पष्ट नहीं है कि केंद्रीय एजेंसी किन पहलुओं की पड़ताल कर रही है.

प्रीतम सिंह का आरोप- साक्ष्य मिटाने की कोशिश हुई

कांग्रेस नेता प्रीतम सिंह ने भाजपा सरकार पर महिलाओं के खिलाफ अपराधों को लेकर सवाल उठाए. उन्होंने आरोप लगाया कि अंकिता हत्याकांड में कुछ अधिकारियों ने कथित तौर पर साक्ष्य मिटाने की कोशिश की. उन्होंने अंकिता की मौत से पहले की चैट में एक 'वीआईपी' का जिक्र होने का मुद्दा भी उठाया.

कांग्रेस का आरोप है कि इस मामले में कथित वीआईपी की पहचान सार्वजनिक नहीं की गई और उसे बचाने की कोशिश हुई. हालांकि, ये आरोप हैं और इन्हें स्वतंत्र रूप से सिद्ध तथ्य के रूप में नहीं देखा जाना चाहिए.

हरक सिंह रावत ने वनंत्रा रिजॉर्ट का मुद्दा उठाया

पूर्व मंत्री हरक सिंह रावत ने राज्य सरकार को घेरते हुए वनंत्रा रिजॉर्ट पर बुलडोजर चलाए जाने के मामले पर सवाल उठाए. उन्होंने दावा किया कि रिजॉर्ट को तोड़े जाने से अहम साक्ष्य नष्ट हुए. उन्होंने सोशल मीडिया पर सामने आए एक वीडियो का हवाला देते हुए मुख्यमंत्री की भूमिका पर भी सवाल उठाए. ये आरोप कांग्रेस नेताओं की ओर से लगाए गए हैं.

रावत ने कहा कि अंकिता को न्याय दिलाने की लड़ाई अब पूरे देश की बेटियों के सम्मान से जुड़ गई है. उन्होंने राजनीतिक मतभेदों से ऊपर उठकर आंदोलन में शामिल होने की अपील की.

ज्योति रौतेला ने कार्रवाई में देरी पर जताई नाराजगी

कांग्रेस की महिला नेता ज्योति रौतेला ने कहा कि अंकिता ने अपने सम्मान और स्वाभिमान की रक्षा के लिए संघर्ष किया. उन्होंने आरोप लगाया कि परिवार और विपक्ष की लंबे समय से सीबीआई जांच की मांग के बावजूद सरकार ने शुरुआत में कदम नहीं उठाया.

रौतेला ने दावा किया कि भाजपा कार्यकर्ताओं के कथित वायरल ऑडियो के बाद सीबीआई जांच की संस्तुति की गई. उन्होंने सवाल किया कि इसके बाद भी जांच में ठोस कार्रवाई सामने क्यों नहीं आई.

आंदोलन जारी रखने का ऐलान

प्रेस कॉन्फ्रेंस के अंत में कांग्रेस नेताओं ने कहा कि अंकिता भंडारी हत्याकांड में कथित वीआईपी की पहचान उजागर करने और दोषियों को सजा दिलाने की मांग को लेकर आंदोलन जारी रहेगा. पार्टी ने दुष्यंत गौतम को राज्यपाल पद से हटाने की मांग भी की. हालांकि, उनकी नियुक्ति और हत्याकांड से जुड़े आरोपों के बीच संबंध को लेकर कांग्रेस के दावों को आरोप के रूप में ही देखा जाना चाहिए.