संसद मार्च के बीच CJP की सरकार से वार्ता, जेपी नड्डा के सामने रखीं 3 बड़ी मांगें

नई दिल्ली में संसद मार्च के दौरान कॉकरोच जनता पार्टी (CJP) और सरकार के बीच बातचीत हुई. सीजेपी के प्रतिनिधियों ने केंद्रीय मंत्री जेपी नड्डा से मुलाकात कर अपनी मांगें रखीं और सरकार ने चर्चा का भरोसा दिया.

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Ashutosh Rai

संसद मार्च के दौरान बढ़ते तनाव के बीच कॉकरोच जनता पार्टी (CJP) और केंद्र सरकार के बीच बातचीत की शुरुआत हुई. संगठन के दो प्रतिनिधियों ने केंद्रीय स्वास्थ्य मंत्री जेपी नड्डा से मुलाकात कर अपनी मांगों का ज्ञापन सौंपा. इस बीच प्रदर्शन और पुलिस कार्रवाई भी चर्चा में रहे.

जेपी नड्डा से मुलाकात, मांगों पर हुई चर्चा

नई दिल्ली में संसद मार्च के बीच सीजेपी के मुख्य प्रवक्ता सौरभ दास और आशुतोष रांका ने केंद्रीय स्वास्थ्य मंत्री जेपी नड्डा से मुलाकात की. मुलाकात के बाद सौरभ दास ने कहा कि काफी इंतजार के बाद उन्हें करीब 10 मिनट का समय मिला. इस दौरान उन्होंने संगठन की मांगों से जुड़ा लिखित पत्र मंत्री को सौंपा. दास के अनुसार, मंत्री ने उनकी बात सुनी और भरोसा दिया कि इन मांगों पर सरकार के स्तर पर आंतरिक चर्चा की जाएगी. हालांकि उन्होंने यह भी कहा कि बातचीत का समय कम था लेकिन फिलहाल प्रक्रिया आगे बढ़ने की उम्मीद है.

तीन प्रमुख मांगों पर संगठन अड़ा

सीजेपी ने इस बार सरकार के सामने तीन प्रमुख मांगें रखीं. संगठन ने सोनम वांगचुक को तुरंत रिहा करने की मांग की. इसके अलावा केंद्रीय शिक्षा मंत्री धर्मेंद्र प्रधान के इस्तीफे और आंदोलन से जुड़े मुद्दों पर कार्रवाई की मांग भी दोहराई गई. सौरभ दास ने बताया कि संगठन अपने रुख पर कायम है और जब तक इन मांगों पर ठोस फैसला नहीं होता, तब तक आंदोलन जारी रहेगा. उन्होंने यह भी दावा किया कि कई प्रदर्शनकारियों को हिरासत में लिए जाने की जानकारी सामने आई है, जिस पर भी संगठन ने चिंता जताई है.


संसद मार्च के दौरान बढ़ा तनाव

इसी दौरान बड़ी संख्या में प्रदर्शनकारी संसद की ओर बढ़ने की कोशिश करते रहे. सुरक्षा व्यवस्था को देखते हुए पुलिस और सुरक्षा बलों ने उन्हें रोकने के लिए कार्रवाई की. प्रदर्शन के दौरान हल्का तनाव भी देखने को मिला. दूसरी ओर, सीजेपी के संस्थापक अभिजीत दीपके ने जंतर-मंतर पर चल रहा अपना अनशन समाप्त कर दिया. बताया गया कि उन्होंने यह अनशन कुछ दिन पहले शुरू किया था. संगठन का कहना है कि आंदोलन आगे भी जारी रहेगा और सरकार से सकारात्मक जवाब मिलने का इंतजार किया जाएगा. फिलहाल दोनों पक्षों के बीच बातचीत शुरू होना इस पूरे घटनाक्रम का सबसे अहम पहलू माना जा रहा है.