चीनी विदेश मंत्री वांग यी की दो दिवसीय भारत यात्रा खत्म होने के एक दिन बाद, भारत में चीन के राजदूत शू फेइहोंग ने नई दिल्ली के खिलाफ अमेरिका के टैरिफ का कड़ा विरोध किया और भारत और चीन के बीच घनिष्ठ सहयोग की आवश्यकता पर बल दिया. शू ने कहा, "अमेरिका ने भारत पर 50% तक टैरिफ लगाया है और इसे और बढ़ाने की धमकी भी दी है. चीन इसका कड़ा विरोध करता है. चुप्पी केवल धमकाने वालों को और बढ़ावा देती है. चीन भारत के साथ मजबूती से खड़ा रहेगा." उन्होंने एकतरफा व्यापार प्रतिबंधों के खिलाफ नई दिल्ली का समर्थन करने की बीजिंग की इच्छा पर जोर दिया. राजदूत ने इस बात पर जोर दिया कि भारत और चीन के बीच साझेदारी क्षेत्रीय और वैश्विक विकास के लिए महत्वपूर्ण है.
न्यूज एजेंसी ANI की रिपोर्ट के मुताबिक, भारत में चीन के राजदूत शू फीहॉन्ग ने कहा, "इतने बड़े आकार के दो पड़ोसी देशों के लिए, एकता और सहयोग ही साझा विकास हासिल करने का एकमात्र रास्ता है. चीन और भारत की मित्रता एशिया के लिए लाभदायक है। हम एशिया में आर्थिक विकास के दोहरे इंजन हैं. भारत और चीन की एकता से पूरे विश्व को लाभ होता है. ऐसे में भारत और चीन की ज़िम्मेदारी है कि वे एक समान और व्यवस्थित बहुध्रुवीय विश्व को बढ़ावा देने में अहम भूमिका निभाएं."
#WATCH | China's ambassador to India, Xu Feihong says, "...US has imposed tariffs of up to 50% on India and even threatened for more. China firmly opposes it. Silence only emboldens the bully. China will firmly stand with India ." pic.twitter.com/0iMehF2K6e
— ANI (@ANI) August 21, 2025
चीन और भारत को आपसी विश्वास बढ़ाना चाहिए
चीन के राजदूत शू फीहॉन्ग ने आगे कहा कि द्विपक्षीय संबंधों में विश्वास का निर्माण जरूरी है. उन्होंने कहा, "चीन और भारत को रणनीतिक आपसी विश्वास बढ़ाना चाहिए और आपसी संदेह से बचना चाहिए. दोनों देश साझेदार हैं, प्रतिद्वंद्वी नहीं. हमें बातचीत के जरिए मतभेदों को सुलझाना चाहिए." उन्होंने आगे कहा कि "हम अपनी रणनीतियों के विकास को बढ़ाने और सहयोग के दायरे को बढ़ाने के लिए भारत के साथ काम करने को तैयार हैं. हम सभी भारतीय सामानों के चीनी मार्केट में एंट्री का स्वागत करते हैं.
सीमा विवाद पर हो सकती है प्रगति
शू फीहॉन्ग की यह टिप्पणी सीमा प्रश्न पर विशेष प्रतिनिधियों की 24वें दौर की वार्ता के बाद आई है, जिसकी सह-अध्यक्षता वांग यी ने राष्ट्रीय सुरक्षा सलाहकार अजीत डोभाल के साथ 19 अगस्त को की थी. चीनी मंत्री ने 18 अगस्त को विदेश मंत्री एस जयशंकर के साथ द्विपक्षीय वार्ता भी की और प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी से मुलाकात की. शू फेइहोंग ने वार्ता में बनी सहमति के दस बिंदुओं पर प्रकाश डाला और कहा कि दोनों पक्षों ने 23वें दौर की वार्ता के बाद हुई प्रगति और कज़ान में बनी नेता-स्तरीय सहमति के कार्यान्वयन पर सकारात्मक रूप से बात की.
नई पहल और सहमति
शू ने कहा, "दोनों पक्षों ने सीमावर्ती क्षेत्रों में शांति और सौहार्द बनाए रखने के महत्व को दोहराया और चीन-भारत द्विपक्षीय संबंधों के समग्र विकास को बढ़ावा देने के लिए मैत्रीपूर्ण परामर्श के माध्यम से इस मुद्दे को उचित रूप से संभालने पर जोर दिया. उन्होंने आगे कहा कि दोनों पक्ष " द्विपक्षीय संबंधों के राजनीतिक परिप्रेक्ष्य को ध्यान में रखते हुए सीमा विवाद के समाधान के लिए एक निष्पक्ष, उचित और पारस्परिक रूप से स्वीकार्य ढांचे की तलाश करने पर सहमत हुए हैं, जो 2005 में हस्ताक्षरित चीन-भारत सीमा विवाद के समाधान हेतु राजनीतिक मानदण्डों और मार्गदर्शक सिद्धांतों पर समझौते के अनुसार है.
"शू ने कहा कि प्रमुख परिणामों में से एक यह है कि दोनों पक्ष उपयुक्त क्षेत्रों में सीमा परिसीमन पर "शीघ्र समाधान" तलाशने के लिए चीन-भारत सीमा मामलों पर परामर्श और समन्वय हेतु कार्य तंत्र (WMCC) ढांचे के तहत एक विशेषज्ञ समूह गठित करने पर सहमत हुए हैं. इसके अलावा, शू ने बताया कि दोनों पक्ष "पश्चिमी क्षेत्र में मौजूदा सामान्य-स्तरीय तंत्र के अलावा, पूर्वी और मध्य क्षेत्रों में सामान्य-स्तरीय तंत्र बनाने और पश्चिमी क्षेत्र में सामान्य-स्तरीय तंत्र की अगली बैठक जल्द से जल्द आयोजित करने पर सहमत हुए हैं.
कारोबार और नदी के बीच सहयोग
आर्थिक और व्यापारिक संबंधों पर शू ने कहा कि दोनों देशों ने रेनकिंगगांग-चांगगु, पुलन-गुंजी और जिउबा-नामग्या जैसे तीन पारंपरिक सीमा व्यापार बाजारों को फिर से खोलने पर सहमति जताई. 2026 में चीन में 25वें दौर की विशेष प्रतिनिधि वार्ता आयोजित होगी. शू ने कहा, "सीमा-पार नदियों पर सहयोग के लिए दोनों पक्षों ने 'चीन-भारत विशेषज्ञ स्तर तंत्र' की भूमिका को बढ़ाने और संबंधित समझौता ज्ञापनों (MoUs) के नवीकरण पर संवाद बनाए रखने पर सहमति दी. शू ने कहा, "चीन मानवीय आधार पर आपातकालीन स्थितियों में जलवैज्ञानिक जानकारी शेयर करने के लिए सहमत है.