'अकेले जंग लड़ने को तैयार', छात्रों पर हुई लाठीचार्ज को लेकर चंद्रशेखर आजाद का संसद परिसर में धरना जारी

संसद परिसर में बारिश के बीच सांसद चंद्रशेखर आजाद पेपर लीक, शिक्षा व्यवस्था और छात्र आंदोलन पर सरकार की जवाबदेही को लेकर धरने पर बैठे हुए हैं.

@BhimArmyChief
Sagar Bhardwaj

बारिश और तेज हवाओं के बावजूद आजाद समाज पार्टी के प्रमुख एवं उत्तर प्रदेश के नगीना से सांसद चंद्रशेखर आजाद संसद परिसर में डॉ. भीमराव आंबेडकर की प्रतिमा के नीचे धरने पर बैठे हुए हैं. उनके पीछे शिक्षा सुधार, कथित पेपर लीक और जवाबदेही की मांग वाले पोस्टर लगे हुए हैं. उनके धरने की तस्वीरें सोशल मीडिया पर लगातार वायरल हो रही हैं.

छात्रों पर कार्रवाई के बाद लिया धरने का फैसला

चंद्रशेखर आजाद ने बताया कि उन्होंने यह कदम जंतर-मंतर और संसद मार्च के दौरान छात्रों पर हुई कथित पुलिस कार्रवाई के वीडियो देखने के बाद उठाया. उनका कहना है कि छात्र लंबे समय से अपनी मांगों को लेकर आंदोलन कर रहे थे, लेकिन सरकार ने समय रहते संवाद नहीं किया. उनके मुताबिक, यदि पहले बातचीत होती तो टकराव की स्थिति से बचा जा सकता था. उन्होंने कहा कि छात्रों की आवाज संसद तक पहुंचाने के लिए उन्होंने संसद परिसर के भीतर विरोध दर्ज कराया.


शिक्षा व्यवस्था में सुधार की उठाई मांग

चंद्रशेखर आजाद ने कहा कि उनका उद्देश्य किसी एक व्यक्ति को निशाना बनाना नहीं, बल्कि शिक्षा व्यवस्था में व्यापक सुधार सुनिश्चित करना है. उन्होंने केंद्रीय शिक्षा मंत्री धर्मेंद्र प्रधान से नैतिक आधार पर इस्तीफा देने की मांग दोहराई, लेकिन साथ ही कहा कि केवल इस्तीफे से समस्या का समाधान नहीं होगा. उनके अनुसार, परीक्षा प्रणाली में लगातार सामने आ रही गड़बड़ियां संस्थागत सुधार की मांग करती हैं और सरकार को इस दिशा में ठोस कदम उठाने चाहिए.

'छात्र बाहर लड़ रहे हैं, मैं संसद के भीतर'

सांसद ने कहा कि सुरक्षा कारणों से छात्र संसद परिसर में नहीं आ सकते, इसलिए उन्होंने उनके प्रतिनिधि के रूप में भीतर से संघर्ष करने का फैसला किया. उन्होंने कहा कि यदि छात्रों की लड़ाई संसद के बाहर चल रही है तो वह संसद के भीतर उनकी आवाज बनेंगे. उनका यह भी कहना था कि वह इस संघर्ष को अकेले भी जारी रखने के लिए तैयार हैं और युवाओं के भविष्य से जुड़े मुद्दों पर पीछे नहीं हटेंगे.

सोशल मीडिया पर मिला व्यापक समर्थन

धरने के दौरान चंद्रशेखर आजाद लगातार सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म X पर वीडियो और संदेश साझा कर रहे हैं. उन्होंने अपने संदेशों में कहा कि अन्याय के खिलाफ संघर्ष किसी भी मौसम से बड़ा होता है. उनके धरने को राष्ट्रीय लोकतांत्रिक पार्टी के प्रमुख हनुमान बेनीवाल ने भी समर्थन दिया है और छात्रों पर हुई कथित कार्रवाई को लेकर सरकार से जवाब मांगा है. इस बीच, संसद परिसर में बारिश के बीच बैठे सांसद की तस्वीरें और वीडियो सोशल मीडिया पर व्यापक चर्चा का विषय बन रही हैं, जिससे शिक्षा सुधार और छात्र आंदोलनों पर बहस एक बार फिर तेज हो गई.