नई दिल्ली: भारत में होने वाली जनगणना 2027 को लेकर केंद्र सरकार ने 40 सवालों की सूची अधिसूचित कर दी है. जनगणना के दौरान अधिकारियों की ओर से लोगों से नाम, लिंग, जन्म तिथि, उम्र, राष्ट्रीयता, धर्म और मातृभाषा समेत कई जानकारियां मांगी जाएंगी.
इस बार जनगणना में जाति से जुड़ी जानकारी भी शामिल की गई है. अनुसूचित जाति और अनुसूचित जनजाति से संबंधित विवरण भी दर्ज किया जाएगा.
रजिस्ट्रार जनरल और जनगणना आयुक्त मृणाल कुमार नारायण की ओर से जारी राजपत्र अधिसूचना के अनुसार, जनगणना अधिकारी अपने निर्धारित क्षेत्र में रहने वाले लोगों से हाउसहोल्ड शेड्यूल के तहत निर्धारित सवाल पूछ सकेंगे. इसमें लोगों की व्यक्तिगत जानकारी के साथ सरकारी दस्तावेजों और सेवाओं तक पहुंच से जुड़े सवाल भी शामिल हैं.
प्रश्नावली में आधार नंबर, मोबाइल नंबर, बैंक खाते और वोटर आईडी से संबंधित जानकारी भी मांगी जाएगी. इसके अलावा पासपोर्ट और ड्राइविंग लाइसेंस जैसी आधिकारिक पहचान से जुड़ी जानकारी भी शामिल है. कोविड 19 टीकाकरण से संबंधित विवरण भी पूछा जाएगा. इसमें यह जानकारी ली जाएगी कि व्यक्ति ने कोविड 19 का टीका कहां लगवाया था.
जनगणना के दूसरे चरण में नाम, लिंग, जन्म तिथि, उम्र, राष्ट्रीयता, धर्म, मातृभाषा, जाति, आधार और कोविड टीकाकरण जैसी जानकारियां दर्ज की जाएंगी.
Census 2027 में लोगों को सेल्फ एन्यूमरेशन की सुविधा भी दी गई है. इसके लिए नागरिक https://se.census.gov.in पोर्टल पर जाकर अपना विवरण खुद दर्ज कर सकते हैं. इसके लिए मोबाइल नंबर से लॉगिन करना होगा और मैप पर अपना स्थान दर्ज करना होगा. इसके बाद परिवार से जुड़ी जानकारी भरकर फॉर्म जमा करना होगा.
जानकारी जमा होने के बाद सिस्टम एक 16 अंकों की Self-Enumeration ID यानी SE ID जारी करेगा. यह आईडी एसएमएस और ईमेल के जरिए भेजी जाएगी. जब जनगणना अधिकारी घर पहुंचेगा, तब व्यक्ति को यह SE ID उपलब्ध करानी होगी.
सेल्फ एन्यूमरेशन के तहत लोग अपने परिवार की Household Listing and Housing Operation यानी HLO से जुड़ी जानकारी ऑनलाइन जमा कर सकेंगे. पूरी प्रक्रिया में आम तौर पर करीब 15 से 20 मिनट लग सकते हैं. हालांकि सेल्फ एन्यूमरेशन की सुविधा मिलने के बावजूद जनगणना अधिकारी अपने निर्धारित क्षेत्रों में घर घर जाकर जानकारी जुटाते रहेंगे.