नई दिल्ली: भारत 15 अगस्त 2026 को अपना 80वां स्वतंत्रता दिवस मनाएगा. देश को 1947 में ब्रिटिश शासन से आजादी मिली थी. इस हिसाब से 2026 में आजादी के 79 साल पूरे होंगे, लेकिन यह 15 अगस्त को मनाया जाने वाला 80वां स्वतंत्रता दिवस होगा.
इस बार का समारोह युवाओं और विकसित भारत के दीर्घकालिक लक्ष्य पर केंद्रित रहेगा. साथ ही देशभक्ति गीत वंदे मातरम् के 150 साल पूरे होने का अवसर भी खास होगा. स्वतंत्रता दिवस 2026 की केंद्रीय थीम 'Yuva Shakti for Viksit Bharat@2047' है.
इसका उद्देश्य देश की युवा शक्ति को भारत के विकास की यात्रा के केंद्र में रखना है. 2047 में आजादी के 100 साल पूरे होंगे. ऐसे में विकसित भारत के लक्ष्य को हासिल करने में युवाओं की भूमिका को इस बार विशेष महत्व दिया जा रहा है. समारोह में विज्ञान, शिक्षा, नवाचार और उद्यमिता जैसे क्षेत्रों में उपलब्धियां हासिल करने वाले युवाओं को भी प्रमुखता दी जाएगी.
भारत को 15 अगस्त 1947 को ब्रिटिश शासन से आजादी मिली थी. दशकों तक चले राजनीतिक आंदोलनों, जन आंदोलनों और स्वतंत्रता संग्राम के बाद देश स्वतंत्र हुआ. हालांकि आजादी के साथ भारत का विभाजन भी हुआ और भारत तथा पाकिस्तान दो अलग देश बने.
विभाजन के दौरान बड़े पैमाने पर सांप्रदायिक हिंसा हुई और लाखों लोगों को अपना घर छोड़कर पलायन करना पड़ा. इसलिए 15 अगस्त जहां देश की आजादी और स्वतंत्रता सेनानियों के बलिदान को याद करने का दिन है, वहीं यह विभाजन की त्रासदी को याद करने का अवसर भी है.
स्वतंत्रता दिवस का मुख्य कार्यक्रम दिल्ली के ऐतिहासिक लाल किले पर होगा. प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी लाल किले की प्राचीर से राष्ट्रीय ध्वज फहराएंगे और देश को संबोधित करेंगे. यह परंपरा स्वतंत्र भारत के पहले प्रधानमंत्री जवाहरलाल नेहरू के समय से चली आ रही है.
इस बार समारोह का एक बड़ा आकर्षण वंदे मातरम् होगा. भारत वंदे मातरम् के 150 वर्ष पूरे होने का अवसर मना रहा है. समारोह में प्रधानमंत्री के लाल किले पहुंचने के बाद ध्वजारोहण से पहले वंदे मातरम् का गायन किया जाएगा.
सरकार इस साल विभिन्न क्षेत्रों में उपलब्धि हासिल करने वाले युवाओं को विशेष पहचान दे रही है. 2026 के अंतरराष्ट्रीय ओलंपियाड में भौतिक विज्ञान, रसायन विज्ञान, जीव विज्ञान और गणित में पदक जीतने वाले भारतीय विद्यार्थियों को भी समारोह में सम्मानित किए जाने की उम्मीद है.
इसके अलावा युवा वैज्ञानिकों, नवाचार करने वाले युवाओं, उद्यमियों और समाज के लिए काम करने वाले अन्य युवा प्रतिभाओं को भी महत्व दिया जाएगा.