मुंबई: महाराष्ट्र में नगर निगम के चुनाव काफी उत्साह के साथ खत्म हुआ. बीएमसी के नतीजे घोषित होती ही महाराष्ट्र की प्रमुख महानगरपालिकाओं में मेयर पद को लेकर राजनीतिक गतिविधियां तेज हो गई हैं. बीजेपी और शिवसेना के बीच इस पद को लेकर लगातार बैठक की जा रही है.
मिल रही जानकारी के मुताबिक महाराष्ट्र के नगर विकास विभाग द्वारा बीएमसी और अन्य नगरपालिकाओं के मेयर चुनाव के लिए आरक्षण तय करने की प्रक्रिया जल्द पूरी की जाएगी. इसके तहत आरक्षण की लॉटरी अगले सप्ताह मंगलवार या बुधवार को निकाले जाने की संभावना है.
नगर विकास विभाग द्वारा आयोजित इस लॉटरी के माध्यम से यह तय किया जाएगा कि संबंधित महानगरपालिका में मेयर पद किस समूह के लिए आरक्षित होगा. जैसे की अगर जनरल कैटगरी की लॉटरी निकलती है तो उसी वर्ग के निर्वाचित पार्षद को मेयर के लिए चुना जाएगा. यही प्रक्रिया राज्य की अन्य नगरपालिकाओं में भी लागू होगी. मेयर पद को लेकर बीजेपी और शिवसेना के नेता फिलहाल सार्वजनिक तौर पर बेहद सतर्क नजर आ रहे हैं. हालांकि, चुनावी जीत के बाद बीजेपी के मुंबई अध्यक्ष ने यह जरूर कहा कि मुंबई का मेयर महायुति से ही होगा.
सूत्रों की मानें तो शिवसेना (शिंदे गुट) बीजेपी से मेयर पद के लिए ढाई-ढाई साल का फॉर्मूला लागू करने की मांग कर रही है. शिवसेना ने अपने 29 चुने हुए नगरसेवकों के साथ बांद्रा स्थित एक होटल में एक मुलाकात की. जहां पद को लेकर चर्चा की गई. हालांकि शिंदे गुट के नेताओं का मानना है कि सत्ता साझेदारी के तहत उन्हें भी ढाई साल के लिए मेयर पद मिलना चाहिए. हालांकि अब तक इस पर कोई औपचारिक बयान सामने नहीं आया है.
सूत्रों के अनुसार, मुंबई में 89 सीटों पर जीत दर्ज करने के बाद बीजेपी मेयर बनाने की पूरी तैयारी में है. पार्टी के भीतर संभावित नामों और रणनीति को लेकर मंथन शुरू हो चुका है. दूसरी ओर, शिवसेना (शिंदे गुट) के कई मंत्री और नेता भी मेयर पद पर अपना दावा पेश कर रहे हैं और ढाई-ढाई साल के फॉर्मूले पर जोर दे रहे हैं. फाइनल फैसले के बारे में कुछ दिनों बाद ही पता चल पाएगा.