28 फरवरी को इजरायल और अमेरिका द्वारा तेहरान पर किए गए हमले के बाद से मध्य पूर्व में तनाव चरम पर पहुंच गया है. इस युद्ध के कारण दुनिया के सबसे महत्वपूर्ण व्यापारिक मार्गों में से एक, होर्मुज जलडमरूमध्य पूरी तरह से बाधित हो गया है. इस नाकाबंदी से दुनिया भर में ऊर्जा संकट और सप्लाई चेन बिगड़ने का डर सता रहा था, लेकिन इसी बीच ईरान ने भारत को एक बड़ी राहत दी है. ईरान ने स्पष्ट किया है कि इस संकट के बीच उसके भारतीय दोस्तों को चिंता करने की कोई जरूरत नहीं है.
भारत स्थित ईरानी दूतावास ने गुरुवार को सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म X पर एक आधिकारिक पोस्ट में लिखा, "हमारे भारतीय दोस्त सुरक्षित हाथों में हैं, कोई चिंता की बात नहीं." होर्मुज जलडमरूमध्य पर ईरान का कड़ा रणनीतिक नियंत्रण है. यह वह संकरा समुद्री रास्ता है, जहां से दुनिया की 20 प्रतिशत ऊर्जा का परिवहन होता है.
Our Indian friends are in safe hands, no worries 😉 https://t.co/5NqoSFlDPQ
— Iran in India (@Iran_in_India) April 1, 2026Also Read
पिछले महीने युद्ध शुरू होने के बाद से ईरान ने इस मार्ग से विदेशी जहाजों की आवाजाही लगभग रोक दी है. हालांकि, कूटनीतिक संबंधों को तरजीह देते हुए ईरान ने भारत, रूस, चीन, इराक और पाकिस्तान जैसे अपने मित्र देशों के जहाजों को यहां से गुजरने की विशेष अनुमति दी है.
राहत की बात यह है कि ईरान की इस हरी झंडी के बाद अब तक कम से कम 8 भारतीय जहाज होर्मुज़ के इस खतरनाक क्षेत्र से सुरक्षित बाहर निकल चुके हैं. इनमें LPG लेकर आ रहे BW TYR और BW ELM जैसे बड़े कैरियर भी शामिल हैं, जिन पर करीब 94,000 टन LPG लदी हुई थी.
हालांकि, अधिकारियों के अनुसार भारत के लिए कच्चा तेल, LNG और LPG ला रहे 19 जहाज अभी भी होर्मुज में फंसे हुए हैं. 30 मार्च को हुए एक अंतर-मंत्रालयी ब्रीफिंग में बंदरगाह, जहाजरानी और जलमार्ग मंत्रालय के विशेष सचिव राजेश कुमार सिन्हा ने बताया कि भारत के लिए ऊर्जा आपूर्ति ला रहे 10 विदेशी झंडे वाले जहाज फंसे हैं. इसके अलावा, भारतीय झंडे वाले 8 अन्य जहाज भी वहां मौजूद हैं, जिनमें एक खाली टैंकर शामिल है जिसमें LPG भरी जा रही है.
अमेरिका-इजरायल और ईरान के बीच चल रहे इस युद्ध ने वैश्विक शिपिंग इंडस्ट्री की कमर तोड़ दी है. रिपोर्ट के मुताबिक, इस वक्त होर्मुज के संकरे जलडमरूमध्य में लगभग 500 विदेशी जहाज फंसे हुए हैं, जिससे भारत सहित दुनिया के कई देशों में ऊर्जा आपूर्ति में भारी रुकावट आ रही है. ऐसे माहौल में ईरान द्वारा भारतीय जहाजों को सुरक्षित मार्ग देना नई दिल्ली के लिए एक बड़ी कूटनीतिक जीत माना जा रहा है.